Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार कई दिनों से गिरावट जारी है। 27 अक्टूबर को भी एमसीएक्स पर सोने का भाव 258 रुपये गिरकर 1,42,815 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी 1,323 रुपये की गिरावट के साथ 1,94,470 रुपये पर पहुंच गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के भाव कमजोर हुए हैं। सोने की कीमत 0.08 फीसदी गिरकर 4,035 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है, जबकि चांदी 0.97 फीसदी टूटकर 53 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर बना हुआ है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 14,291 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल और पुणे में 24 कैरेट सोना 14,276 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर है। चेन्नई में इसकी कीमत 14,267 रुपये प्रति ग्राम है।
22 और 18 कैरेट सोने के रेट
22 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली में इसका भाव 13,101 रुपये प्रति ग्राम और चेन्नई में 13,086 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं 18 कैरेट सोना दिल्ली में 10,722 रुपये प्रति ग्राम और चेन्नई में 10,706 रुपये प्रति ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा है। वडोदरा और अहमदाबाद में भी सोने की कीमतें लगभग समान बनी हुई हैं।
तेल की कीमतों से बढ़ी चिंता
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सोने की कीमतों में स्थिरता आने के लिए अब एक निचला स्तर बन सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है और कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिल रहा है।
फेड की बैठक पर निवेशकों की नजर
अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण मंगलवार को भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर है। इससे ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा का संकेत मिल सकता है। CME के FedWatch Tool के मुताबिक, ट्रेडर्स को इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की 11 फीसदी संभावना नजर आ रही है, जबकि दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना 82 फीसदी है।
क्यों दबाव में है सोना?
सोने को महंगाई से बचाव का एक बेहतर विकल्प माना जाता है, लेकिन ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने पर इसकी मांग प्रभावित होती है। इसकी वजह यह है कि सोने से ब्याज या नियमित कमाई नहीं होती, जबकि ऊंची ब्याज दरों वाले दूसरे निवेश विकल्प ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। हालांकि, सोमवार को ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड कंपनियों के शेयरों में 2.9 फीसदी की तेजी आई, जिससे लगातार पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया।
चांदी की सप्लाई में कमी घटने का अनुमान
एक रिपोर्ट के मुताबिक चांदी की कीमतें फिलहाल संतुलित स्तर के करीब हैं। निवेशकों की मांग में सुधार होने पर चांदी को सहारा मिल सकता है। हालांकि, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और चांदी की बढ़ती सप्लाई के कारण कीमतों में बड़ी तेजी की संभावना सीमित रह सकती है।
क्या रहेगा 2027 तक का हाल
HSBC ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में चांदी की वैश्विक मांग और सप्लाई के बीच 14 करोड़ औंस की कमी दर्ज की गई थी। हालांकि, 2026 में यह कमी तेजी से घटकर 50 लाख औंस रहने का अनुमान है। 2027 में चांदी की सप्लाई में कमी थोड़ी बढ़कर 1.2 करोड़ औंस हो सकती है।
आगे भी दबाव में रह सकते हैं भाव
इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में चांदी के बाजार में मांग और सप्लाई का अंतर काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई की चिंता गहरा रही है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की उम्मीद मजबूत हो रही है।
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