ग्रेटर नोएडा से आगरा को जोड़ने वाले 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक नई और गंभीर मुसीबत खड़ी हो गई है। इस व्यस्त मार्ग पर अचानक बंदरों के झुंड सड़कों पर आ धमकते हैं और टोल कर्मियों तथा वाहन चालकों पर हमला कर देते हैं। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति बेहद तेज होती है, ऐसे में अचानक सड़क पर जानवरों के आने से किसी भी समय भीषण सड़क दुर्घटना हो सकती है, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई है।
अज्ञात वाहन से छोड़े गए थे बंदर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब छह महीने पहले किसी अज्ञात वाहन द्वारा इस एक्सप्रेस-वे के पास बंदरों को छोड़ा गया था, जिसके बाद से उनकी संख्या और उत्पात में लगातार इजाफा हुआ है। इस गंभीर समस्या को लेकर टोल अथॉरिटी ने बीते 25 जुलाई को ही वन प्राणी प्रबंधक को आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी और बंदरों को तुरंत पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की थी। हालांकि, विभाग की उदासीनता के कारण अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
दर्जनभर हमलों से सहमे टोल कर्मचारी
टोल इंचार्ज तुलसीराम गुर्जर ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले ढाई महीनों में बंदरों का झुंड कई बार हमला कर चुका है। अब तक 13 से 14 बार हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें कई टोल कर्मचारी घायल हो चुके हैं। स्थिति इतनी डरावनी हो चुकी है कि फील्ड हॉस्टल के बाहर हमेशा बंदरों का डेरा रहता है, जिसके डर से स्टाफ अपनी ड्यूटी निभाने के लिए बाहर निकलने से भी कतराता है। प्रशासन की इस लापरवाही से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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