उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुख्यात माफिया अतीक अहमद का साम्राज्य भले ही नेस्तनाबूद हो चुका हो, लेकिन उसके गुर्गों और करीबियों के हौसले अभी भी पूरी तरह पस्त नहीं हुए हैं। ताजा मामला प्रयागराज के सारंगापुर गांव का है, जहां धर्म परिवर्तन कर सनातन धर्म अपनाने वाले एक युवक को अतीक के चचेरे भाइयों द्वारा लगातार जान से मारने और मकान पर कब्जा करने की धमकी दी जा रही है। स्थानीय पुलिस द्वारा शुरुआती लापरवाही बरतने के बाद जब पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई, तब पुलिस हरकत में आई और एक महिला समेत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मकान खाली कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद
घूरपुर थाना क्षेत्र के सारंगापुर के रहने वाले देवव्रत शुक्ला ने बताया कि उन्होंने 12 फरवरी 2024 को स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया था। उनके मकान में रेशमा नाम की एक महिला लंबे समय से किराए पर रह रही थी, जो किराया नहीं दे रही थी। जब देवव्रत ने उससे घर खाली करने के लिए कहा, तो मामला बिगड़ गया। रेशमा का भाई और अतीक अहमद का चचेरा भाई हमजा इस बात से खफा हो गया कि देवव्रत ने धर्म बदल लिया है। इसके बाद आरोपी उसे ‘काफिर’ कहकर अपमानित करने लगे और मकान पर कब्जा करने की नीयत से जान से मारने की धमकियां देने लगे।
पुलिस पर उठे सवाल तो एक्शन में आए अधिकारी
पीड़ित देवव्रत का आरोप है कि उसने घटना के तुरंत बाद स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। थक-हार कर उसने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री कार्यालय से मामला संज्ञान में आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और घूरपुर थाने में फौरन आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया।
पुलिस कर रही है पूरे मामले की गहन छानबीन
घूरपुर थाना प्रभारी हरकेश सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित की तहरीर पर एक महिला समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस टीम ने मौके पर जाकर जांच-पड़ताल भी की है, जिसमें यह बात सामने आई है कि आरोपी हमजा की बहन वहां किराए पर रह रही थी और कमरा खाली कराने को लेकर ही विवाद बढ़ा है। मूल रूप से कानपुर के रहने वाले देवव्रत को सुरक्षा मुहैया कराने और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
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