Wanted Gangster Joban Billa Deported From Jakarta: पंजाब पुलिस को विदेश में छिपे गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से वांटेड गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जॉबन बिल्ला को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से डिपोर्ट कर भारत लाया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से विदेश में रहकर पंजाब में अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा था।
हत्या समेत कई गंभीर मामलों में था वांटेड
पुलिस के मुताबिक जॉबन बिल्ला के खिलाफ हत्या के चार मामले दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कई केस दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि कानून से बचने के लिए वह लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा और विदेश में छिपकर गतिविधियां संचालित करता था।
6 महीने तक चला ‘ऑपरेशन नोमैड हंट’
आरोपी के विदेश में होने की जानकारी मिलने के बाद पंजाब पुलिस ने केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर करीब छह महीने तक ‘ऑपरेशन नोमैड हंट’ चलाया। इस दौरान उसकी गतिविधियों पर लगातार डिजिटल निगरानी रखी गई। खुफिया इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर उसे इंडोनेशिया के जकार्ता में ट्रेस किया गया। इसके बाद स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से उसे हिरासत में लिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत डिपोर्ट कर दिया गया।
विदेश से चला रहा था आपराधिक नेटवर्क
पुलिस जांच के अनुसार भारत से फरार होने के बाद भी जॉबन बिल्ला विदेश में बैठकर अपने गुर्गों के जरिए पंजाब में आपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहा था। उस पर रंगदारी वसूली, टारगेट किलिंग की साजिश रचने, हथियारों की सप्लाई और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संचालित करने के आरोप हैं।
रिमांड में पूछताछ से हो सकते हैं बड़े खुलासे
पंजाब पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान उसके विदेशी संपर्कों, पंजाब में सक्रिय सहयोगियों, हथियारों की सप्लाई चेन, ड्रग्स नेटवर्क और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं।
विदेश में छिपे गैंगस्टरों पर जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विदेश में बैठकर पंजाब में अपराध का नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उनका कहना है कि दुनिया के किसी भी कोने में छिपे अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
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