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Karwa Chauth Vastu Rules: करवा चौथ पर इन दिशाओं का रखें ध्यान, इनका ज्ञान पूजा में लगा देगा चार चांद! खुशियों से महक उठेगा दांपत्य जीवन

Karwa Chauth Vastu Rules: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, पूजा और व्रत के दौरान सही दिशा का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बढ़ती है।

कब रखा जाएगा करवा चौथ का व्रत

करवा चौथ 2026 में 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक आस्था के साथ इस पर्व को वास्तु से जुड़ी कई मान्यताओं के अनुसार भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

सरगी के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा शुभ

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ के दिन सरगी ग्रहण करते समय दिशा का ध्यान रखना चाहिए। दक्षिण-पूर्व दिशा को सरगी लेने के लिए शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती है और व्रत की शुरुआत के लिए अनुकूल मानी जाती है।

पूजा करते समय उत्तर या पूर्व की ओर रखें मुख

करवा चौथ की पूजा के दौरान भी दिशा का विशेष ध्यान रखने की मान्यता है। पूजा करते समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके प्रार्थना करने से बचना चाहिए। इसके बजाय उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।

उत्तर-पूर्व दिशा में सुनें करवा चौथ की कथा

करवा चौथ की पूजा में व्रत कथा सुनना या पढ़ना महत्वपूर्ण माना जाता है। वास्तु के अनुसार, कथा के दौरान उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करना शुभ माना जाता है। यह दिशा ज्ञान और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत की सफलता तथा वैवाहिक जीवन में स्थिरता के लिए अनुकूल मानी जाती है।

चंद्रमा को उत्तर-पश्चिम दिशा से दें अर्घ्य

करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिशा से चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। महिलाएं दूध मिले जल से चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं।

पूजा की थाली में रखें ये चीजें

करवा चौथ की पूजा की थाली में जल, लाल सिंदूर, फूल, मिठाई और दीपक जैसी पारंपरिक पूजा सामग्री रखी जाती है। मान्यता है कि इन वस्तुओं को विधि-विधान से पूजा में शामिल करने से व्रत की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में सौभाग्य बना रहता है।

लाल और पीली चूड़ियां मानी जाती हैं शुभ

करवा चौथ के दिन महिलाओं के श्रृंगार का भी विशेष महत्व होता है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लाल या पीली चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है। इन रंगों को शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इन रंगों का प्रयोग वैवाहिक जीवन में प्रेम और मिठास बढ़ाने वाला होता है।

करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, 2026 में करवा चौथ की पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 38 मिनट से शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इस दौरान महिलाएं भगवान गणेश, भगवान शिव-पार्वती और करवा माता की पूजा करेंगी।

29 अक्टूबर को कब निकलेगा चांद?

पंचांग के अनुसार, 29 अक्टूबर को चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8:12 से 8:17 बजे के बीच बताया गया है। हालांकि, चंद्रोदय के समय में शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। उदाहरण के लिए, कोलकाता में चांद करीब 7:42 बजे, जबकि मुंबई में लगभग 8:56 बजे दिखाई देने का अनुमान है। व्रत खोलने से पहले स्थानीय चंद्रोदय समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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