गुजरात के जूनागढ़ शहर से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के व्यस्त मधुरम इलाके में स्थानीय पुलिस ने एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को दबोचा है। यह महिला बेहद शातिर तरीके से अपनी असली पहचान छिपाकर अलग-अलग फर्जी नामों और ठिकानों पर रह रही थी। शुरुआत में 12 अक्टूबर को उसने खुद को ‘मिथिला रॉय’ बताया था, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी रूप से दस्तावेजों की गहराई से छानबीन की, तो उसकी असली पहचान बांग्लादेश के नारायणगंज की रहने वाली ‘खालिदा बेगम’ के रूप में उजागर हुई।
तीन साल से अवैध रूप से भारत में रहने का शक
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि खालिदा बेगम नामक यह महिला पिछले करीब तीन वर्षों से देश में अवैध रूप से निवास कर रही है। वह सिर्फ जूनागढ़ तक सीमित नहीं थी, बल्कि महाराष्ट्र के नालासोपारा, गुजरात के सूरत और जूनागढ़ में अलग-अलग फर्जी नामों के सहारे ठिकाने बदलती रही है। अकेले जूनागढ़ में ही वह पिछले कुछ समय के दौरान 3 से 4 बार अलग-अलग पहचान बदलकर आ चुकी थी, जिससे उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों का शक गहरा गया है।
आधार कार्ड, सिम और ऑनलाइन शॉपिंग रसीदें बरामद
पुलिस द्वारा की गई तलाशी के दौरान महिला के पास से कई आपत्तिजनक चीजें हाथ लगी हैं। उसके पास से अलग-अलग नामों से बने कई आधार कार्ड और लगभग चार अलग-अलग सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart और Amazon से की गई ऑनलाइन खरीदारी की रसीदें भी मिली हैं, जिनकी मदद से उसके विभिन्न पतों और डिलीवरी लोकेशंस का अहम सुराग हाथ लगा है।
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जा रही है गहन पूछताछ
मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस अधिकारी प्रेमल झा ने बताया कि संदिग्ध महिला को सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ में रखा गया है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ तमाम खुफिया और जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं। एजेंसियों का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि वह अवैध रूप से भारत में किस रास्ते से दाखिल हुई थी, इस पूरे सिंडिकेट में उसके कौन-कौन मददगार थे और अलग-अलग फर्जी पहचान बनाकर रहने के पीछे उसका असली मकसद क्या था।
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