अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपने नाम पर विचार नहीं किए जाने को लेकर नाराजगी जताई है। शुक्रवार को उन्होंने पुरस्कार चयन की आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक और अपमानजनक बताया। ट्रंप ने कहा कि इस फैसले से नॉर्वे की छवि को नुकसान पहुंचा है और वह इसे नहीं भूलेंगे। उन्होंने पुरस्कार के लिए चुनी गईं नवानेथेम नवी पिल्लै के चयन पर भी सवाल उठाए।
ट्रंप बोले- आठ युद्ध सुलझाए, आठ नोबेल मिलने चाहिए थे
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आठ संघर्षों को खत्म कराने या उनका समाधान निकालने में भूमिका निभाई है। उनके बताए मामलों में गाजा और ईरान से जुड़े संघर्षों के अलावा भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव, रवांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, थाईलैंड और कंबोडिया, आर्मेनिया और अजरबैजान, मिस्र और इथियोपिया तथा सर्बिया और कोसोवो के बीच विवाद शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि इन प्रयासों के लिए उन्हें एक नहीं, बल्कि आठ नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरान को मध्य पूर्व, यूरोप और अमेरिका के कुछ हिस्सों को तबाह करने से रोका। हालांकि, उनके द्वारा गिनाए गए सभी विवादों का पूरी तरह समाधान हो जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पुरस्कार विजेता के चयन पर भी उठाए सवाल
ट्रंप ने इस साल पुरस्कार के लिए चुनी गईं नवानेथेम नवी पिल्लै के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें उनके बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांति स्थापित करने के उनके अपने प्रयासों को नजरअंदाज किया गया। ट्रंप के बयान में नवी पिल्लै के बारे में की गई टिप्पणी के बावजूद, पुरस्कार विजेता की पहचान और उनके काम को लेकर अलग-अलग तथ्य हैं। नवी पिल्लै अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यायिक भूमिका निभा चुकी हैं। ट्रंप की नाराजगी मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित रही कि उनके मुताबिक, वैश्विक संघर्षों को कम करने में उनके योगदान को उचित महत्व नहीं दिया गया।
पहले भी कई बार जता चुके हैं पुरस्कार पाने की इच्छा
नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर ट्रंप की दावेदारी नई नहीं है। वह पहले भी कई बार कह चुके हैं कि विभिन्न देशों के बीच तनाव कम कराने के उनके प्रयास उन्हें इस सम्मान का हकदार बनाते हैं। पुरस्कार की घोषणा से दो दिन पहले भी उन्होंने दावा किया था कि किसी अन्य अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनकी तरह युद्ध सुलझाने में भूमिका नहीं निभाई। हालांकि, उनके दावों पर सवाल उठते रहे हैं। जिन विवादों का उन्होंने जिक्र किया, उनमें कुछ के समाधान और संघर्षविराम की स्थिरता को लेकर अब भी अनिश्चितताएं हैं। ऐसे में ट्रंप के प्रयासों को औपचारिक रूप से युद्ध समाप्त कराने का श्रेय कितना दिया जा सकता है, यह अलग बहस का विषय है।
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