वाराणसी(Varanasi) में गंगा और आसपास की सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। शुक्रवार सुबह गंगा के पानी में कुछ कमी दर्ज की गई लेकिन नदी अब भी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। इसके चलते शहर के निचले इलाकों और वरुणा नदी के आसपास रहने वाले लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
बाढ़ का पानी कई रिहायशी इलाकों तक पहुंच चुका है। हालात बिगड़ने पर कुछ परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। वरुणा, गोमती और नाद नदी के आसपास भी पानी का दबाव बना हुआ है, जिससे कई बस्तियों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
गंगा का जलस्तर आया नीचे
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शुक्रवार सुबह 8 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.67 मीटर दर्ज किया गया। अब इसमें गिरावट के संकेत हैं लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई थी।
72 घंटे बाद बारिश की संभावना
शुक्रवार सुबह शहर का तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा लगभग 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली और आसमान में बादल छाए रहे। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 6 सितंबर तक मानसूनी गतिविधि अपेक्षाकृत कम रह सकती है। इसके बाद 6 सितंबर की रात से 8 सितंबर के बीच कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
नावों से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम
बाढ़ प्रभावित वरुणा क्षेत्र में नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। पंकज साहनी के मुताबिक रोजाना करीब 100 से 150 लोगों को नाव से लाने-ले जाने में मदद की जा रही है। इनमें स्कूल जाने वाले बच्चे भी शामिल हैं।
जरूरत पड़ने पर लोगों को उनके घर से जरूरी सामान लेने के लिए भी नाव से ले जाया जाता है और फिर सुरक्षित वापस लाया जाता है। राहत कार्य में जुटे लोगों की कोशिश है कि बाढ़ के बीच किसी भी जरूरतमंद को अकेला न छोड़ना पड़े।
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