Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC जल विद्युत परियोजना की TRT टनल में गुरुवार, 13 अगस्त की शाम करीब पौने सात बजे बड़ा हादसा हो गया। करीब 1600 मीटर के दायरे में अचानक भूस्खलन होने से सुरंग में भारी मात्रा में पानी और मलबा भर गया। लैंडस्लाइड के बाद टनल में मलबा और पानी भरने से करीब 22 श्रमिक फंस गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मजदूरों को बाहर निकाला गया, जिनमें 7 की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है। बाहर निकाले गए 14 श्रमिक घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें 2 की हालत नाजुक है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
रात में रोका गया रेस्क्यू
एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जायरा ने बताया कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा। हालांकि, सुरंग के भीतर दलदल और पानी की स्थिति और ऑक्सीजन की कमी के कारण रात में ऑपरेशन रोकना पड़ा था। जिसके बाद शुक्रवार सुबह दोबारा रेस्क्यू ऑपेरशन शुरू किया गया है।
1.8 किलोमीटर अंदर हुआ हादसा
444 मेगावाट की इस जल विद्युत परियोजना का निर्माण THDC-NTPC की ओर से किया जा रहा है और इसका करीब 70% काम पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत बनाई जा रही 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग में करीब 1.8 किलोमीटर अंदर यह हादसा हुआ। उस समय वहां ग्रेविटी प्वाइंट पर पैकिंग का काम चल रहा था और सेटरिंग की गई थी।
तेज धमाके के बाद भरने लगा पानी
मौके पर मौजूद निस्तरा भिंगरा निवासी, झारखंड ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान बताया कि टनल के अंदर 1.8 किलोमीटर की दूरी पर ग्रेविटी प्वाइंट में पैकिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ धमाका हुआ। इसके बाद सुरंग के ऊपरी हिस्से से पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा अंदर आने लगा।
मलबे में फंसे मजदूर
उनके मुताबिक, पानी और मलबा इतनी तेजी से आया कि वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और सभी इधर-उधर छिटक गए। वह भी पानी और मलबे के बहाव में सुरंग के बाहरी हिस्से की ओर आने लगे, लेकिन इसी दौरान मलबे में धंसते चले गए। हादसे के बाद अब बचाव दल लापता मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
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