Diwali 2026: दीपावली पर दीपक जलाने की परंपरा केवल घर को रोशन करने तक सीमित नहीं है। धार्मिक मान्यताओं में दीप प्रज्वलित करते समय उसके नीचे कुछ विशेष वस्तुएं रखने का भी उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और धन-धान्य की समृद्धि आती है। इस दिवाली दीपक जलाते समय लाई, बताशे, गुलाब की पंखुड़ियां और चावल जैसी चीजों को उसके नीचे रखना शुभ माना जाता है।
दिवाली पर दीपक जलाने का क्या है महत्व?
हिंदू धर्म में दीपावली को प्रकाश, खुशहाली और नई शुरुआत का पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद जब अयोध्या लौटे थे, तब नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इसी प्रसंग को दीपावली पर दीप प्रज्वलित करने की परंपरा से जोड़कर देखा जाता है।
माता लक्ष्मी-भगवान गणेश पूजा के बाद जलाए जाते हैं दीप
दीपावली के दिन घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। पूजा के बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन और अलग-अलग हिस्सों में दीपक जलाए जाते हैं। कई परिवारों में शुभता के प्रतीक के रूप में अखंड ज्योति जलाने की परंपरा भी है। धार्मिक विश्वास है कि दीपों का प्रकाश नकारात्मकता को दूर करता है और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।
लाई, बताशे और गुलाब की पंखुड़ियां रखें
दिवाली की पूजा में लाई, बताशे और गुलाब की पंखुड़ियों का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन्हें दीपक के नीचे रखना शुभ होता है। बताशे मां लक्ष्मी के भोग में शामिल किए जाते हैं, जबकि गुलाब की पंखुड़ियां देवी को अर्पित करने की परंपरा है। गुलाब को सुंदरता, प्रेम और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।
लाई को माना जाता है अन्न और खुशहाली का प्रतीक
धान से तैयार होने वाली लाई को अन्न, अच्छी फसल और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि दिवाली की पूजा में लाई, बताशे और गुलाब की पंखुड़ियों को शामिल करने से घर में बरकत बनी रहती है और परिवार पर मां लक्ष्मी की कृपा होती है। इसी धार्मिक विश्वास के चलते दीपक के नीचे भी इन चीजों को रखने की परंपरा कुछ परिवारों में प्रचलित है।
दीपक के नीचे चावल रखना भी माना जाता है मंगलकारी
दिवाली पर दीपक के नीचे चावल रखना भी कई धार्मिक परंपराओं में शुभ माना गया है। हिंदू पूजा-पद्धति में चावल को अक्षत कहा जाता है और इसका इस्तेमाल तिलक, देवी-देवताओं को अर्पित करने तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षत पूर्णता, पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है।
अक्षत से जुड़ी है अन्न-धन की समृद्धि की मान्यता
ऐसी धार्मिक मान्यता है कि दीपक के नीचे अक्षत रखने से घर में अन्न-धन की उपलब्धता बनी रहती है और परिवार के सदस्यों के जीवन में सुख-शांति आती है। चावल को पूर्णता का प्रतीक माना जाने के कारण इसे शुभ कार्यों में विशेष स्थान दिया जाता है। हालांकि, दीपक के नीचे इन वस्तुओं को रखने से जुड़ी बातें धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
Read More:

