Harry Kane Wins Ballon dOr 2026: इंग्लैंड के स्टार फुटबॉलर हैरी केन ने बैलोन डी’ओर का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है। केन 25 साल बाद यह पुरस्कार जीतने वाले पहले अंग्रेज फुटबॉलर बन गए हैं। इससे पहले 2001 में माइकल ओवेन ने यह उपलब्धि हासिल की थी। केन की ऐतिहासिक जीत से इंग्लिश फुटबॉल में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
केन ने दिग्गजों को पछाड़कर जीता अवॉर्ड
बैलोन डी’ओर की दौड़ में 33 साल के हैरी केन को फ्रांस के स्टार किलियन एम्बाप्पे, स्पेन के युवा खिलाड़ी लामिन यमाल, 2024 के विजेता रोड्री और आठ बार पुरस्कार जीत चुके लियोनेल मेसी जैसे दिग्गजों से कड़ी चुनौती मिली। हालांकि, शानदार प्रदर्शन के दम पर केन ने सभी को पीछे छोड़ते हुए फुटबॉल जगत का यह प्रतिष्ठित सम्मान हासिल कर लिया।
पिछले सीजन में 73 गोल का धमाका
केन के लिए पिछला सीजन क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल दोनों लिहाज से बेहद शानदार रहा। उन्होंने क्लब और देश के लिए कुल 73 गोल दागे। उनकी इसी जबरदस्त गोल स्कोरिंग क्षमता ने उन्हें यूरोप का सबसे ज्यादा गोल करने वाला खिलाड़ी बनाया। जर्मनी में खेलते हुए उन्होंने कई गोल रिकॉर्ड तोड़े और बायर्न म्यूनिख की सफलता में भी अहम भूमिका निभाई।
बायर्न को दिलाए बुंडेसलीगा और जर्मन कप
केन ने बायर्न म्यूनिख को बुंडेसलीगा और जर्मन कप का खिताब दिलाने में अहम योगदान दिया। जर्मन कप के फाइनल में स्टटगार्ट के खिलाफ उन्होंने हैट्रिक लगाई और टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन ने बैलोन डी’ओर की रेस में उनकी दावेदारी को मजबूत किया।
वर्ल्ड कप में 6 गोल
फीफा वर्ल्ड कप में भी केन का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। उन्होंने टूर्नामेंट में छह गोल किए और इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज गैरी लाइनकर को पीछे छोड़ते हुए वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। इसके साथ ही वह फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले शीर्ष पांच खिलाड़ियों में भी शामिल हो गए।
इंग्लैंड के लिए भी यादगार रहा टूर्नामेंट
इंग्लैंड की कप्तानी करते हुए केन ने टीम को तीसरे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। सेमीफाइनल में इंग्लैंड को अर्जेंटीना के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन तीसरे स्थान के मुकाबले में टीम ने किलियन एम्बाप्पे की फ्रांस को हरा दिया। यह 60 साल में वर्ल्ड कप में इंग्लैंड का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
लंदन में हुआ ऐतिहासिक समारोह
इस बार बैलोन डी’ओर समारोह का आयोजन लंदन में किया गया। यह शहर इस सम्मान के इतिहास से भी खास तौर पर जुड़ा रहा है, क्योंकि 1956 में इंग्लैंड के स्टेनली मैथ्यूज ने पहली बार बैलोन डी’ओर जीता था। करीब 70 साल बाद लंदन में आयोजित समारोह में केन की जीत ने इस आयोजन को और खास बना दिया।
एलेक्सिया पुटेलस ने तीसरी बार जीता महिला बैलोन डी’ओर
महिला वर्ग में स्पेन की स्टार मिडफील्डर एलेक्सिया पुटेलस ने तीसरी बार बैलोन डी’ओर जीतकर शानदार वापसी की। पुटेलस ने पिछले सीजन में अपने पूर्व क्लब बार्सिलोना के लिए शानदार प्रदर्शन किया और टीम ने महिला चैंपियंस लीग समेत कई खिताब जीते। उन्होंने स्पेन की राष्ट्रीय टीम को पिछले साल दिसंबर में महिला नेशंस लीग का खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।
बोनमती का दबदबा हुआ खत्म
32 साल की पुटेलस ने तीन साल से लगातार महिला बैलोन डी’ओर जीत रही अपनी ही देश की खिलाड़ी एताना बोनमती का दबदबा खत्म किया। पुटेलस ने 2021 और 2022 में लगातार दो बार यह पुरस्कार जीता था। इसके बाद घुटने में एसीएल की गंभीर चोट के कारण उनका करियर प्रभावित हुआ और बोनमती ने फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बनाई।
चोट के कारण बोनमती इस बार शॉर्टलिस्ट में नहीं
एताना बोनमती ने 2025 में लगातार तीसरी बार महिला बैलोन डी’ओर जीतकर हैट्रिक पूरी की थी। हालांकि, दिसंबर में पैर टूटने के कारण वह इस साल पुरस्कार की शॉर्टलिस्ट में भी जगह नहीं बना सकीं। दूसरी ओर, पुटेलस ने शानदार प्रदर्शन के दम पर एक बार फिर महिला फुटबॉल में अपनी बादशाहत साबित कर दी।
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