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13 साल इंतजार के बाद तन्वी ने मौत को लगाया गले, आखिर AIIMS ने सर्जरी से क्यों किया था इनकार?

दिल्ली के AIIMS से जुड़ा एक मामला सामने आया है जिसने लंबे इलाज और सर्जरी के इंतजार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। राजस्थान के कोटा की रहने वाली 16 वर्षीय तन्वी(Tanvi) ने 1 सितंबर की सुबह दम तोड़ दिया। परिवार के मुताबिक, वह जन्म से दिल की बीमारी से पीड़ित थी और उसकी सर्जरी के लिए करीब 13 वर्षों से AIIMS में इलाज और सर्जरी का इंतजार कर रही थी।

तन्वी की बीमारी को वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट यानी दिल में छेद बताया गया था। परिजनों का कहना है कि वे लंबे समय तक अस्पताल के संपर्क में रहे लेकिन सर्जरी आगे नहीं बढ़ सकी।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

तन्वी के पिता मुकेश कुमार के मुताबिक, बेटी के इलाज के लिए परिवार को कई बार दिल्ली आना पड़ा। उनका दावा है कि हर बार किसी न किसी वजह से सर्जरी की तारीख आगे बढ़ती रही। परिवार ने इस मामले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से भी मदद की गुहार लगाई थी।

बेटी की मौत के बाद पिता ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी इस मामले की ओर ध्यान देने की अपील की है।

AIIMS ने बनाई जांच कमेटी

यह मामला सामने आने के बाद AIIMS प्रशासन ने उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने की बात कही है। इस कमेटी के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि तन्वी के इलाज के दौरान क्या परिस्थितियां रहीं और सर्जरी क्यों नहीं हो पाई।

तन्वी की मौत के बाद परिवार जवाब चाहता है कि लंबे समय तक इलाज के बावजूद उसकी सर्जरी क्यों नहीं हो पाई। अब आगे की जांच से ही पूरे मामले में जिम्मेदारी और इलाज से जुड़े फैसलों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जन्म से थी दिल की गंभीर बीमारी 

AIIMS के मुताबिक, तन्वी की पहली जांच 10 अक्टूबर 2012 को कार्डियोलॉजी OPD में हुई थी। जांच में उसके दिल में छेद यानी वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD) और पल्मोनरी एट्रेसिया की जानकारी सामने आई। यह जन्मजात स्थिति है जिसमें दिल से फेफड़ों तक रक्त पहुंचने में बाधा होती है।

2013 में डॉक्टरों ने उसकी सर्जरी की संभावनाओं को समझने के लिए कई बार जांच कीं। इनमें CT एंजियोग्राफी, कन्वेंशनल एंजियोग्राफी और कार्डियक कैथीटेराइजेशन शामिल थे।

2017 में सर्जरी को बताया गया था असंभव 

AIIMS के मुताबिक, जांच के बाद 2017 में तन्वी के दिल की बनावट और बीमारी की गंभीरता को देखते हुए सर्जरी को संभव नहीं माना गया। परिवार को नियमित मेडिकल जांच और दवाओं के जरिए इलाज जारी रखने की सलाह दी गई।

परिवार ने बाद में दूसरे विशेषज्ञों से भी राय ली। CTVS विभाग के प्रमुख और एक अन्य सीनियर कार्डियोथोरेसिक सर्जन ने भी दवा से उपचार जारी रखने की सलाह दी।

आखिरी दिनों में ट्रांसप्लांट की संभावना पर विचार 

तन्वी की हालत बिगड़ने के बाद उसे 24 अगस्त 2026 को AIIMS में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति का विस्तृत आकलन किया और हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट की संभावना भी जांची। हालांकि, 1 सितंबर को उसकी मौत हो गई।

तन्वी के पिता ने मामले में न्याय और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। AIIMS ने कहा है कि पोस्टमार्टम और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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