PM Modi Task Force: देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार के लिए हाई-पावर टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है। छह सदस्यीय इस कमेटी की कमान टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है। इस टास्क फोर्स में तकनीक, अंतरिक्ष, सुरक्षा, शिक्षा, अकादमिक और प्रशासन से जुड़े एक्सपर्ट्स शामिल किए गए हैं, जो सरकारी परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए सुझाव देंगे।
नंदन नीलेकणि
नंदन नीलेकणि का जन्म 2 जून 1955 को बेंगलुरु, कर्नाटक में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से कर्नाटक के सिरसी का रहने वाला है। उन्होंने बिशप कॉटन बॉयज स्कूल, बेंगलुरु और सेंट जोसेफ हाई स्कूल, धारवाड़ से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद IIT बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया। इंफोसिस के सह-संस्थापक और भारत के आधार डिजिटल पहचान कार्यक्रम के आर्किटेक्ट माने जाने वाले नीलेकणि नीलेकणि इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता करेंगे। उनसे उम्मीद है कि वे प्रश्न पत्र की सुरक्षा, अभ्यर्थियों के सत्यापन और रिजल्ट प्रोसेसिंग सहित पूरी परीक्षा प्रक्रिया में आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग को लेकर अहम सुझाव देंगे।
एस. सोमनाथ
एस. सोमनाथ का जन्म साल 1963 में केरल के अलाप्पुझा जिले के थुरावर में हुआ। उन्होंने टीकेएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कोल्लम से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एमटेक और IIT मद्रास से पीएचडी की। साल 2022 से 2025 तक ISRO के चेयरमैन और अंतरिक्ष विभाग के सचिव रहे डॉ. सोमनाथ करीब 40 सालों के अनुभव वाले प्रतिष्ठित अंतरिक्ष वैज्ञानिक हैं। लॉन्च व्हीकल तकनीक और स्पेस सिस्टम इंजीनियरिंग में उनका योगदान उन्हें इस टास्क फोर्स का अहम सदस्य बनाता है।
तपन डेका
तपन कुमार डेका का जन्म 25 फरवरी 1963 को असम के बारपेटा जिले के सार्थेबारी में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स में मास्टर डिग्री लेने के बाद वे 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी बने। जून 2022 से जून 2026 तक उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक के रूप में सेवाएं दीं और उनका कार्यकाल दो बार बढ़ाया गया। आतंकवाद विरोधी अभियानों, 26/11 मुंबई हमले की जांच, इंडियन मुजाहिदीन के खिलाफ कार्रवाई और जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के सुरक्षा अभियानों में उनकी अहम भूमिका रही है।
वी. कामाकोटी
वी. कामाकोटी का जन्म 1968 में चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ। उन्होंने श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बी.ई. तथा IIT मद्रास से एम.एस. और पीएचडी की। जनवरी 2022 से IIT मद्रास के निदेशक के रूप में कार्यरत प्रो. कामाकोटी कंप्यूटर आर्किटेक्चर, सूचना सुरक्षा और VLSI डिजाइन के एक्सपर्ट हैं। वे माइक्रोप्रोसेसर विकास, साइबर सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों का नेतृत्व कर चुके हैं। इसके अलावा वे नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की AI टास्क फोर्स के पूर्व चेयरमैन भी रह चुके हैं।
अनीता करवाल
1988 बैच की गुजरात कैडर की IAS अधिकारी अनीता करवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और सिविल सेवा में आने से पहले अर्थशास्त्र का अध्ययन किया। उनके पास 36 सालों से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव है। वे 2017 से 2021 तक CBSE की चेयरपर्सन रहीं और बाद में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सचिव के रूप में कार्य किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार करने में भी उनकी अहम भूमिका रही है।
अमृत लाल मीणा
अमृत लाल मीणा का जन्म साल 1965 में राजस्थान में हुआ। बिहार कैडर के 1989 बैच के IAS अधिकारी मीणा के पास 36 सालों से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने बिहार में करीब 25 वर्ष और केंद्र सरकार में लगभग 11 वर्ष तक अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। वे साल 2024–2025 में बिहार के मुख्य सचिव और 2022–2024 के दौरान कोयला मंत्रालय के सचिव रहे। प्रशासनिक प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स में उनकी विशेषज्ञता इस टास्क फोर्स के लिए अहम मानी जा रही है।
परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना है उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार यह मल्टी-डिसिप्लिनरी टास्क फोर्स भारत की परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उपायों पर काम करेगी। समिति की सिफारिशें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को और मजबूत बनाने, परीक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार करने और आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने पर केंद्रित होंगी।
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