बेल्जियम की सुरक्षा एजेंसियों ने NATO के सैन्य मुख्यालय(NATO security) में इंटर्न के रूप में काम कर रही एक कनाडाई महिला को जासूसी के संदेह में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई NATO की सुरक्षा टीम से मिली जानकारी के बाद शुरू की गई जांच का हिस्सा है। जांच के दौरान महिला के घर और उसके कार्यस्थल पर भी तलाशी ली गई। बताया गया है कि महिला चीनी मूल की कनाडाई नागरिक है और उससे जुड़े मामलों की गहन जांच जारी है।
बेल्जियम के फेडरल प्रॉसिक्यूटर कार्यालय का कहना है कि महिला पर किसी तीसरे देश के हित में गोपनीय जानकारी जुटाने का शक है। इसके अलावा उस पर एक आपराधिक संगठन से जुड़े होने का भी संदेह जताया गया है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
SHAPE की क्या है भूमिका?
जिस सैन्य केंद्र में महिला इंटर्न के तौर पर काम कर रही थी उसे SHAPE (Supreme Headquarters Allied Powers Europe) कहा जाता है। यह बेल्जियम के मॉन्स शहर में स्थित NATO का महत्वपूर्ण सैन्य कमांड सेंटर है। यहां संयुक्त सैन्य रणनीति तैयार की जाती है, विभिन्न अभियानों की योजना बनाई जाती है और उनके संचालन की निगरानी की जाती है। यही केंद्र NATO की साइबर सुरक्षा से जुड़े कई अहम कार्यों का भी संचालन करता है।
NATO ने क्या कहा?
SHAPE के प्रवक्ता कर्नल मार्टिन एल ओ’डोनेल ने स्पष्ट किया कि अब तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है जिससे यह लगे कि इस घटना का NATO की सैन्य तैयारियों, कमांड सिस्टम या चल रहे अभियानों पर कोई असर पड़ा है। उनके अनुसार संगठन पहले की तरह सामान्य रूप से अपना काम कर रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
कनाडा और बेल्जियम दोनों NATO के सदस्य देश हैं। पिछले कुछ वर्षों में NATO ने रूस और मध्य पूर्व से मिलने वाले सुरक्षा खतरों के साथ-साथ चीन को भी अपनी सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती माना है। ऐसे में संगठन के एक संवेदनशील सैन्य केंद्र से जुड़ा यह मामला सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
ट्रंप और NATO के बीच बढ़ता तनाव
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब NATO और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद चर्चा में हैं। ट्रंप लगातार यूरोपीय देशों से रक्षा बजट बढ़ाने की मांग करते रहे हैं।
इसके अलावा उन्होंने ईरान से जुड़े मुद्दों और ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए अपने बयानों के कारण भी सहयोगी देशों के बीच चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में NATO से जुड़ी यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी अधिक ध्यान आकर्षित कर रही है।