उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी वाले केस की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का पुनर्गठन किया है। नई टीम की जिम्मेदारी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आईजी किरण एस को सौंपी गई है। उनके साथ अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को भी जांच दल में शामिल किया गया है। आपको बता दें कि इससे पहले गठित एसआईटी में लखनऊ के पुलिस आयुक्त विजय विश्वास पंत और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार सहित अन्य अधिकारी सदस्य थे।
यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद किया गया है। 13 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल थे ने राज्य सरकार को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में नई एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। अदालत ने 27 जुलाई तक जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा था। इसी को देखते हुए कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने नई एसआईटी का गठन कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, नई टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में गड़बड़ी और चोरी से जुड़ा है। इस मामले की जांच पहले गठित एसआईटी ने की थी। जांच के दौरान टीम ने सीसीटीवी फुटेज, दान रजिस्टर, नकदी की गिनती और जमा करने के साथ-साथ सभी वित्तीय दस्तावेजों की विस्तार से जांच की। इसके अलावा मंदिर के कई कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई थी।
जांच में क्या आया सामने ?
पुलिस ने जांच के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, जांच एजेंसियों का दावा है कि कथित हेराफेरी से जुड़े पैसों से खरीदी गई नकदी, वाहन, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य संपत्तियां भी बरामद की गईं हैं। इसके साथ ही इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की गई ताकि पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने आ सके।
वरिष्ठ IPS अधिकारियों को क्यों सौंपी गई जिम्मेदारी?
सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले को लेकर सख्ताई बरतते हुए कहा कि इस तरह के मामलों की आपराधिक एवं तकनीकी जांच अनुभवी पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में अधिक प्रभावी ढंग से की जानी चाहिए। इसी के बाद राज्य सरकार ने SIR का पुनर्गठन किया और इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को सौंपी है।
नई SIT में कौन-कौन शामिल हैं?
नई एसआईटी का नेतृत्व 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी किरण एस कर रहे हैं जिन्हें इंटरपोल और सीबीआई में काम करने का अनुभव है। टीम में 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी सोमेन वर्मा भी शामिल हैं जो वर्तमान में अयोध्या रेंज के डीआईजी हैं। इसके अलावा 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. गौरव ग्रोवर को भी टीम का सदस्य बनाया गया है। आईपीएस सेवा में आने से पहले वह पंजाब में एमबीबीएस डॉक्टर के रूप में कार्य कर चुके थे।