Shri Krishna Janmashtami 2026: देशभर में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मथुरा-वृंदावन से लेकर जगन्नाथ पुरी और दिल्ली तक जन्माष्टमी की धूम है। देशभर के श्रीकृष्ण मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और हर ओर भगवान श्रीकृष्ण नाम की गूंज सुनाई दे रही है। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की मनमोहक झांकियां भी सजाई गई हैं।
मथुरा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में गुरुवार रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। जन्माष्टमी के जन्मोत्सव के लिए श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। यहां श्रीगर्भ-गृह की भव्य सजावट में करीब 200 किलोग्राम चांदी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
मथुरा में पूजा करेंगे सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में हैं। वह संतों के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में शामिल होंगे और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करेंगे।
मंगला आरती में उमड़े भक्त
जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि, दिल्ली के द्वारका सेक्टर-13 स्थित इस्कॉन मंदिर और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में मंगला आरती हुई। दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में भक्त मंगला आरती के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए।
#WATCH | Delhi: Devotees gather at ISKCON Temple in Dwarka Sector 13 for the mangla aarti on the occasion of Janmashtami. pic.twitter.com/HO8RjdfLIa
— ANI (@ANI) September 3, 2026
काशी से मथुरा भेजे गए खास तोहफे
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर वाराणसी से मथुरा के लिए खास उपहार भेजे गए हैं। यह पहल काशी और मथुरा के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक लेन-देन की परंपरा को आगे बढ़ाती है, जिसकी शुरुआत 2024 में हुई थी। जन्माष्टमी से ठीक पहले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्री लडडू गोपाल के लिए खास उपहार भेजे गए।
15 देशों के मंदिरों से भी शुभकामनाएं
इस साल लगभग 15 देशों के 100 से ज्यादा मंदिरों से उपहारों के साथ भगवान श्री कृष्ण जन्मस्थान के लिए शुभकामनाएं भी भेजी जा रही हैं। इससे जन्माष्टमी के पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव देश की सीमाओं से बाहर तक दिखाई दे रहा है।
आधी रात कान्हा के प्राकट्य का इंतजार
देशभर में कान्हा के जन्मोत्सव की धूम है। मंदिरों में विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना हो रही है। गलियों में श्रीकृष्ण नाम की गूंज है और भक्त बेसब्री से उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जब आधी रात को नंदलाला का प्राकट्य होगा।
दही-हांडी से याद आती हैं बाल लीलाएं
जन्माष्टमी की बात हो और दही-हांडी का जिक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की याद में देश के कई हिस्सों में दही-हांडी उत्सव मनाया जाता है। युवा गोविंदा की टोली बनाकर मटकी फोड़ने निकलते हैं और इस आयोजन के जरिए भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं को याद किया जाता है। आज भी लोग शाम के समय का इन्तजार कर रहे हैं ताकि ये रस्म पूरी करें।
श्रीकृष्ण मंदिरों की भव्य तस्वीर
जन्माष्टमी पर देश के श्रीकृष्ण मंदिरों की तस्वीरें भी बेहद खास होती हैं। मथुरा-वृंदावन से लेकर द्वारका और देश के दूसरे हिस्सों तक मंदिरों में भव्य सजावट और विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन करने और जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं।
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