तिब्बत में गुरुवार, 3 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजकर 46 मिनट पर भूकंप के झटके दर्ज किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने इसकी तीव्रता 5.0 बताई है। भूकंप का केंद्र तिब्बत में रहा, जबकि इसकी लोकेशन उत्तराखंड के हिमालयी इलाके के करीब दर्ज की गई है। शुरुआती जानकारी में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
10 से 14 किलोमीटर गहराई में था भूकंप का केंद्र
NCS के आंकड़ों के मुताबिक भूकंप का केंद्र 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास स्थित था। इसकी गहराई जमीन के भीतर करीब 14 किलोमीटर बताई गई है। NCS के मानचित्र में भूकंप का स्थान उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र के नजदीक नजर आ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से लगभग 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में था। हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए भूकंप के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
फिलहाल बड़े नुकसान की जानकारी नहीं
भूकंप के झटकों के बाद अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की तत्काल सूचना सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पहाड़ी इलाकों में भूकंप के बाद भूस्खलन या अन्य घटनाओं की आशंका को देखते हुए भी निगरानी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ग्लेशियर हादसे के बाद फिर हिली हिमालयी पट्टी
तिब्बत में आए इस भूकंप का समय भी खास है। नेपाल-तिब्बत सीमा से जुड़े इलाके हाल के दिनों में एक बड़े ग्लेशियर हादसे से प्रभावित रहे हैं। अगस्त के अंतिम दिनों में ग्लेशियर और चट्टानों के टूटने के बाद पानी, बर्फ, मिट्टी और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया था। इस आपदा से नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही हुई। घरों के साथ सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। हादसे के बाद कई लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में क्षेत्र में किसी भी नई प्राकृतिक घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
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