गंगा का जलस्तर बढ़ने से वाराणसी के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) ने मेयर और जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों और वहां चल रहे राहत-बचाव कार्यों के बारे में अपडेट लिया। मौजूदा अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को को किए जा रहे इंतजामों की भी जानकारी दी है। इसी के साथ स्थिति को देखते हुए पीएम मोदी ने निर्देश दिया है कि बाढ़ से आम लोगों को कम से कम दिक्कत हो और राहत कार्य प्रभावी तरीके से जारी रहें।
चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंचा गंगा का पानी केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार की सुबह वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.54 मीटर दर्ज किया गया था जो की निर्धारित चेतावनी स्तर 70.262 मीटर से ऊपर है। इसी के साथ राजघाट गेज स्थल पर सुबह 6 बजे पानी करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा था। राजघाट पर गंगा का खतरे का निशान 71.262 मीटर है। वहीं, यहां दर्ज किया गया अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 73.901 मीटर है। जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा और वरुणा नदी के आस-पास के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
राहत शिविरों में सुविधाओं पर जोर
प्रशासनिक अधिकारियों ने सालारपुर के प्राथमिक विद्यालय और विद्या विहार इंटर कॉलेज में बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया है। इस दौरान प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानी गईं है।
जिलाधिकारी ने शिविरों में भोजन, साफ पानी, बिजली, रोशनी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। खासतौर पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जरूरतों का ध्यान रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी निर्देश
राहत शिविरों में स्वास्थ्य टीमों को नियमित जांच करने और आवश्यक दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नगर निगम और संबंधित विभागों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राहत शिविरों में CCTV कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित माहौल मिल सके।