पाकिस्तान सरकार ने सैन्य ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए आसिम मुनीर को नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड की कमान सौंप दी है। इससे माना जा रहा है कि अब सब कुछ आसिम मुनीर के हाथों में आ गया है। बता दें कि हाल ही में कानूनी संसोधन के बाद पाकिस्तान ने नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड (NSC) का गठन किया। इसका लक्ष्य परमाणु हथियारों, मिसाइल सिस्टम और अन्य रणनीतिक सैन्य संसाधनों का संचालन करना है। साथ ही आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, रॉकेट फोर्स और स्ट्रैटेजिक कमांड को जोड़कर एक संयुक्त कमान बनाना है
चर्चा में आई PM की भूमिका
जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट के मुताबिक, पहले पाकिस्तान की नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) के जरिए नागरिक नेतृत्व की भूमिका भी बनी रहती थी। हालांकि इस नए बदलाव के तहत अब ऑपरेशनल कमान मिलिट्री के हाथों में चली गई है। जिससे यह चर्चा तेज हो गई है कि ऐसे में प्रधानमंत्री की भूमिका जानकारी तक सीमित हो सकती है, लेकिन रणनीतिक फैसलों का संचालन सैन्य कमान करेगी।
क्या पाकिस्तान ने चीनी मॉडल अपनाया?
पाकिस्तान में हुए NSC को गठन को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि ये चीन की PLA रॉकेट फोर्स के मॉडल से प्रेरित लग रहा है। जानकारी के मुताबिक परमाणु हथियारों के भंडार, मिसाइल सिस्टम और उनके डेवलपमेंट को एक ही कमान के तहत लाया गया। पाकिस्तान के इस कदम को माना जा रहा है कि इससे चीन के साथ रक्षा सहयोग बढ़ेगा। नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड (NSC) में पाकिस्तान ने लेफ्टिनेंट जनरल सैयद आमिर रजा को चार सितारा जनरल के पद पर प्रमोट कर नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड का पहला कमांडर बनाया है।
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