Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में सोमवार को वायु गुणवत्ता इस सीजन के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले शनिवार को AQI 117 था, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में था, जबकि रविवार को यह बढ़कर 261 हो गया था। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रदूषण तेजी से बढ़ा।
GRAP-2 में बढ़ेंगी पाबंदियां
AQI 301 से 400 के बीच पहुंचने पर GRAP-2 लागू किया जाता है। इसके साथ पहले से लागू GRAP-1 की पाबंदियां भी जारी रहेंगी। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को सख्ती से नियम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्किंग शुल्क बढ़ेगा
निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाने के लिए दिल्ली-एनसीआर में पार्किंग शुल्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, CAQM ने सभी इलाकों के लिए पार्किंग शुल्क की कोई समान दर तय नहीं की है। लोगों से निजी गाड़ियों की जगह बस और मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
मेट्रो लगाएगी 20 अतिरिक्त फेरे
सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए दिल्ली मेट्रो 20 अतिरिक्त फेरे लगाएगी। इसके साथ मेट्रो, RRTS, CNG बसों और इलेक्ट्रिक बसों की सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए साझा परिवहन की व्यवस्था करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।
सड़कों पर सफाई और पानी का छिड़काव तेज
भारी ट्रैफिक वाले मार्गों और जाम वाले स्थानों पर रोजाना मैकेनिकल या वैक्यूम स्वीपिंग की जाएगी। सड़कों पर पानी का छिड़काव और जरूरत के अनुसार डस्ट सप्रेसेंट का इस्तेमाल भी होगा। प्रदूषण हॉटस्पॉट तथा निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर जांच बढ़ाई जाएगी।
दफ्तरों के समय में बदलाव की तैयारी
दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सरकारी दफ्तरों के समय अलग-अलग करने का प्रावधान किया गया है। कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या कम रखने के लिए आधे कर्मचारियों को ही दफ्तर बुलाने की व्यवस्था भी लागू की जा सकती है।
कोयला-लकड़ी और तंदूर के इस्तेमाल पर रोक
होटल, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में तंदूर समेत अन्य कार्यों के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इन प्रतिष्ठानों को बिजली, गैस या अन्य स्वीकृत स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करना होगा। खुले में कचरा जलाने पर भी सख्त रोक रहेगी।
सुरक्षा गार्डों को मिलेंगे हीटर
रहवासी संघों को सुरक्षा गार्डों के लिए हीटर उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि ठंड से बचने के लिए वे खुले में लकड़ी या ठोस कचरा न जलाएं। डीजल जनरेटर पर भी प्रतिबंध जारी रहेंगे। आवश्यक सेवाओं और निर्धारित छूट वाली श्रेणियों को शर्तों के तहत इनके इस्तेमाल की अनुमति होगी।
किन गाड़ियों को दिल्ली में मिलेगी एंट्री?
1 नवंबर 2026 से दिल्ली में वाहन प्रवेश के संशोधित प्रतिबंध लागू हैं, जो 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे। BS-6 मानकों वाली गाड़ियों, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को निर्धारित नियमों व छूट के अनुसार प्रवेश मिलेगा। जहां लागू हो, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) भी जरूरी होगा।
किन वाहनों पर रहेगी रोक?
दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे पेट्रोल और डीजल वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जो BS-6 मानकों को पूरा नहीं करते। इनमें कुछ BS-3 और BS-4 वाहन भी शामिल हैं। BS-6 से नीचे की डीजल बसों को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। टूरिस्ट और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट वाली बसों के लिए BS-6 डीजल, CNG या बिजली से चलना जरूरी होगा।
GRAP क्या है और इसके चार चरण कौन-से हैं?
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान जनवरी 2017 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य AQI के स्तर के अनुसार दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण की पाबंदियां लागू करना है। GRAP-1 में AQI 201-300, GRAP-2 में 301-400, GRAP-3 में 401-450 और GRAP-4 में 450 से अधिक AQI होने पर बढ़ती सख्ती लागू होती है।
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