Brazil Election 2026: ब्राजील में वामपंथी राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो को शिकस्त दी। इस जीत के साथ 80 साल लूला ब्राजील के राष्ट्रपति के तौर पर चौथी बार देश की कमान संभालेंगे। उनका नया कार्यकाल 5 जनवरी 2027 से शुरू होगा।
100% वोटों की गिनती पूरी
ब्राजील में सभी 100% वोटों की गिनती पूरी होने के बाद चुनावी न्यायालय ने लूला की जीत की आधिकारिक घोषणा की। लूला ने फ्लावियो बोल्सोनारो पर करीब 44 लाख वोटों की ऐसी बढ़त बनाई, जिसे उनके प्रतिद्वंद्वी के लिए चुनौती देना संभव नहीं रहा। हालांकि, चुनावी नतीजे के बाद बोल्सोनारो की ओर से कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
ट्रंप समर्थक लहर के बीच लूला की जीत
लूला की यह जीत लैटिन अमेरिका की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। क्षेत्र के कई देशों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक और दक्षिणपंथी विचारधारा वाले नेता चुनाव जीत रहे हैं। ऐसे माहौल में लूला की वापसी इस राजनीतिक रुझान से अलग तस्वीर पेश करती है। उनकी जीत को लैटिन अमेरिका में वाम-मध्य विचारधारा के लिए भी अहम माना जा रहा है।
मैक्सिको के साथ ब्राजील में भी वाम-मध्य सरकार
लूला की जीत के बाद लैटिन अमेरिका के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों, मैक्सिको और ब्राजील में वाम-मध्य विचारधारा वाले नेता सत्ता में हैं। ब्राजील इस क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और उसकी सालाना GDP करीब 2.6 ट्रिलियन डॉलर है। ऐसे में ट्रंप की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ दबाव के बावजूद ब्राजील के पास अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने और स्वतंत्र आर्थिक नीति अपनाने की गुंजाइश मानी जा रही है।
लूला ने कहा- ब्राजील किसी के प्रभाव में नहीं
चुनावी जीत के बाद लूला डा सिल्वा ने ब्राजील की स्वतंत्र विदेश नीति को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ब्राजील किसी अन्य देश के प्रभाव क्षेत्र में नहीं है। साथ ही उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म को नियंत्रित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी हस्तक्षेप को नाकाम कर दिया।’
शासन में जनभागीदारी बढ़ाने का वादा
लूला ने यह भी संकेत दिया कि अपने अगले कार्यकाल में वह शासन के तरीके में बदलाव करेंगे और आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देंगे। उन्होंने कहा, ‘अब हमारा कोई चुनावी प्रतिद्वंद्वी नहीं है। हम देश चलाने का तरीका बदलेंगे। और फैसले लेने की प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी बढाएंगे।’
चौथा कार्यकाल क्यों है खास?
राष्ट्रपति के तौर पर लूला का चौथा कार्यकाल ऐसे समय शुरू होगा, जब लैटिन अमेरिका में वामपंथी और दक्षिणपंथी राजनीति के बीच मुकाबला तेज है। अमेरिका के साथ व्यापारिक दबाव के बीच ब्राजील की आर्थिक और विदेश नीति भी अहम रहेगी। लूला की जीत से ब्राजील के स्वतंत्र आर्थिक फैसलों और वैश्विक मंचों पर उसकी रणनीति को लेकर भी चर्चा बढ़ने की उम्मीद है।
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