बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से मजबूत हो सकता है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने रविवार को चेतावनी दी कि यह मौसम प्रणाली 27 अक्टूबर तक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है। संभावित खतरे को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में मौसम की स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए लोगों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में यह प्रणाली और ताकतवर हो सकती है। इसके आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने और तटीय इलाकों को प्रभावित करने की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी में कहां पहुंचा निम्न दबाव का क्षेत्र?
प्रखर जैन के मुताबिक, रविवार सुबह 5:30 बजे डिप्रेशन पूर्वी-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। यह लगभग पांच किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दक्षिण-पूर्व दिशा में बढ़ रहा था। उस समय इसकी स्थिति अंडमान द्वीप समूह के श्रीविजयपुरम से करीब 440 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में थी। यह विशाखापत्तनम से लगभग 880 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 980 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम से 1,080 किलोमीटर पूर्व और बापटला से करीब 1,150 किलोमीटर पूर्व में स्थित था। अधिकारियों ने लोगों को मौसम की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
26 से 28 अक्टूबर के बीच तेज हो सकता है तूफान
मौसम विभाग के अनुसार, यह डिप्रेशन रविवार को गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद इसके धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ने का अनुमान है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 अक्टूबर की सुबह तक यह पूर्वी-मध्य और उससे सटी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद 27 अक्टूबर की सुबह तक इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ इसके और शक्तिशाली होने का भी अनुमान जताया गया है। हालांकि, तूफान की दिशा और तीव्रता पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि मौसम की परिस्थितियों के अनुसार इसके मार्ग में बदलाव हो सकता है।
आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों पर नजर
मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 अक्टूबर की सुबह के आसपास तूफान पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश तट के नजदीक पहुंच सकता है। इसके 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यानम के तटों को पार करने की संभावना जताई गई है।इस दौरान हवा की लगातार गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि तेज झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इतनी तेज हवाओं से तटीय क्षेत्रों में नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन तथा मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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