Air India Express Crew: एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अनिवार्य पोस्ट-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने में देरी के मामले में अपने 8 क्रू मेंबर्स को तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। इनमें चार पायलट और चार केबिन क्रू सदस्य शामिल हैं। मामला 2 अगस्त को दुबई से अमृतसर पहुंची एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 192 से जुड़ा है।
लैंडिंग के 2 घंटे 35 मिनट बाद हुआ टेस्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाइट IX 192 ने 2 अगस्त को दुबई से उड़ान भरकर अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुबह करीब 9:50 बजे लैंड किया था। नियमों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय उड़ान से भारत लौटने के बाद क्रू मेंबर्स को निर्धारित समय सीमा के भीतर पोस्ट-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराना होता है। हालांकि, इस फ्लाइट के क्रू ने लैंडिंग के करीब 2 घंटे 35 मिनट बाद टेस्ट कराया। यानी निर्धारित दो घंटे की समय सीमा से करीब 35 मिनट की देरी हुई।
तबीयत खराब होने पर होटल गया था क्रू
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अमृतसर पहुंचने के बाद फ्लाइट का क्रू होटल चला गया था। बताया गया कि क्रू के एक सदस्य की तबीयत ठीक नहीं थी। इसके बाद सभी क्रू मेंबर्स एयरपोर्ट वापस लौटे और अनिवार्य ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराया गया।
जांच में सभी 8 सदस्य निकले निगेटिव
टेस्ट के दौरान सभी 8 क्रू मेंबर्स का ब्रेथ एनालाइजर रिजल्ट निगेटिव आया। इसका मतलब है कि जांच में किसी भी सदस्य के शरीर में अल्कोहल नहीं पाया गया। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर टेस्ट नहीं कराने को नियमों का उल्लंघन माना गया और इसी आधार पर कार्रवाई की गई।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने DGCA को दी जानकारी
इस पूरे मामले की जानकारी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने खुद डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी DGCA को दी। इसके बाद सभी 8 क्रू मेंबर्स को ड्यूटी से हटा दिया गया और नियमों के तहत तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया।
कई औपचारिकताओं के बीच हुई देरी
एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय उड़ान से भारत लौटने के बाद क्रू कई तरह की औपचारिकताओं में व्यस्त था। इनमें लॉगबुक एंट्री, ऑपरेशनल रिपोर्टिंग, कस्टम्स और इमिग्रेशन से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल थीं। इसी दौरान ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने में देरी हुई।
क्या है विमानन नियम?
भारतीय विमानन नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालित करने वाले भारतीय एयरलाइंस के क्रू को भारत में लैंडिंग के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर अल्कोहल जांच करानी होती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उड़ान के बाद क्रू मेंबर शराब के प्रभाव में न हों और विमानन सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हो। इस मामले में टेस्ट का रिजल्ट निगेटिव होने के बावजूद तय समय सीमा का उल्लंघन कार्रवाई का आधार बना।
हाल के मामलों के बाद बढ़ी निगरानी
क्रू पर यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब विमानन क्षेत्र में पायलट और क्रू के अल्कोहल और साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्टिंग को लेकर निगरानी बढ़ी हुई है। हाल ही में एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट से जुड़े एक गंभीर मामले के बाद क्रू की मेडिकल और साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग को लेकर भी सवाल उठे थे। इसके बाद एयर इंडिया ने अपने पूरे ग्रुप के पायलटों के लिए अतिरिक्त स्क्रीनिंग शुरू करने की घोषणा की थी।
निगेटिव टेस्ट के बावजूद क्यों हुई सजा?
इस मामले की सबसे अहम बात यह है कि सभी 8 सदस्यों के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट निगेटिव आए, फिर भी उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इससे यह सामने आता है कि विमानन सुरक्षा नियमों में केवल टेस्ट का नतीजा ही अहम नहीं है, बल्कि निर्धारित प्रक्रिया और समय सीमा का पालन करना भी जरूरी है।
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