मानसून के इस मौसम में चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील(Sukhna Lake) का जलस्तर बढ़कर 1162.95 फीट तक पहुंच गया है। पानी के खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर चंडीगढ़ प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। एहतियात के तौर पर रविवार रात 8:30 बजे झील के रेडियल गेट नंबर-1 को तीन इंच खोल दिया गया ताकि अतिरिक्त पानी की सुरक्षित निकासी हो सके और जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके।
झील से पानी छोड़े जाने के बाद किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं। इसके तहत एसएएस नगर (मोहाली) और पंचकूला के उपायुक्तों (DC) को भी इस संबंध में आधिकारिक सूचना भेज दी गई है। प्रशासन ने इन सभी इलाकों के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।
24 घंटे रखी जा रही कड़ी नजर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंजीनियरिंग विभाग ने सुखना झील के रेगुलेटर एंड पर चौबीसों घंटे निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है जो लगातार पानी के बहाव और जलस्तर पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्र) से लगातार आ रहे पानी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सरकारी संपत्तियों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।
मौसम पर लगातार बनी हुई है नजर
प्रशासन मौसम के मिजाज और झील के जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर लगातार नजर रख रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में जैसी भी परिस्थितियां बनेंगी उनके मुताबिक पानी के स्तर को नियंत्रित करने के लिए तुरंत और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि आम जनजीवन सुरक्षित रहे।
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