पंजाब बोर्ड के स्टूडेंट्स के लिए जरूरी खबर

पंजाब में सरकारी स्कूलों के बच्चे भी अब बारहवीं के बाद होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर ढंग से मुकाबला कर सकेंगे। इसके लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नए सेशन से 17 किताबों में बदलाव करने का फैसला किया है। इनमें छठी से बारहवीं कक्षा तक की किताबें हैं, लेकिन मुख्य फोकस बारहवीं की किताबों पर रखा गया है।

बोर्ड की दलील है कि विद्यार्थियों को सीबीएसई स्कूलों की तर्ज पर ही शिक्षा दी जाए, ताकि वे मुकाबला कर सकें। इसके लिए नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च व ट्रेनिंग की सिफारिश के मुताबिक किताबें तैयार करवाई गई हैं।

बोर्ड छठी, आठवीं, नौवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षाओं की कुछ किताबों में बदलाव करने जा रहा है। बारहवीं कक्षा की तेरह किताबों में बदलाव किया गया है। इनमें गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री, जियोग्राफी के विषय की किताबें शामिल हैं। ग्यारहवीं में फिजिकल एजुकेशन व खेल की पंजाबी की किताबों में बदलाव किया जाएगा।

वहीं, खेतीबाड़ी की पंजाबी भाषा की किताब में भी बदलाव होगा। नौवीं कक्षा की अंग्रेजी और पंजाबी की पाठ्य पुस्तकों में बदलाव किया जाएगा। जबकि, आठवीं कक्षा में फिजिकल एजुकेशन की अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी माध्यम की किताबों में बदलाव होगा। छठी कक्षा में पंजाबी भाषा की किताब में बदलाव किया जा रहा है।

बोर्ड के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक अप्रैल से पहले स्कूलों तक किताबें पहुंचाना है, क्योंकि एक से नया सेशन शुरू हो जाएगा। इसे लेकर टीचरों में भी तमाम तरह की आशंकाएं हैं। टीचरों का कहना है कि बोर्ड किताबें बदल देता है, लेकिन वे समय से स्कूलों तक नहीं पहुंच पातीं। इससे पढ़ाई में समस्या आती है।

विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में परेशानी न हो, इसे देखते हुए एनसीईआरटी की सिफारिश के मुताबिक किताबों में कुछ बदलाव किए गए हैं। बोर्ड की कोशिश है कि 31 मार्च तक किताबें स्कूलों में पहुंच जाएं।

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