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होर्मुज को लेकर ईरान-ओमान में डील डन! अब टैंकर भर-भरके आएगा तेल- LPG, क्या करेंगे ट्रंप?

Hormuz Strait: होर्मुज से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य करने की दिशा में ईरान और ओमान के बीच अहम सहमति बनी है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों ने आने-जाने वाले जहाजों के लिए अलग-अलग निर्धारित समुद्री रास्ते तैयार करने पर सहमति बनाई है। इस समझौते का ढांचा अंतिम चरण में बताया जा रहा है, हालांकि इसे लेकर दोनों देशों की ओर से अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

इनबाउंड पर ईरान-आउटबाउंड पर ओमान की निगरानी

प्रस्तावित व्यवस्था में फारस की खाड़ी की ओर जाने वाले यानी इनबाउंड व्यापारिक जहाज ईरान की निगरानी वाले कॉरिडोर से गुजरेंगे, जबकि बाहर निकलने वाले यानी आउटबाउंड जहाजों के लिए ओमान की तरफ का रास्ता इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य समुद्री यातायात को व्यवस्थित करना, टक्कर का खतरा घटाना और सुरक्षा संबंधी घटनाओं की आशंका कम करना है।

संप्रभुता के साथ सुरक्षित आवाजाही पर जोर

इस व्यवस्था को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि ईरान और ओमान अपने-अपने क्षेत्रीय अधिकारों और संप्रभुता को बनाए रखते हुए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर सकें। दोनों देशों के बीच बातचीत स्वतंत्र रूप से हुई है और इसका मकसद महीनों से जारी समुद्री अव्यवस्था को कम करना है।

तकनीकी काम अभी बाकी

मूल ढांचे पर सहमति के बावजूद इसे लागू करने से पहले तकनीकी स्तर पर काम जारी है। दोनों देशों की तकनीकी टीमें ऑपरेशनल प्रोटोकॉल, संचार व्यवस्था और पर्यावरण सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। इसके बाद औपचारिक संयुक्त बयान जारी होने की उम्मीद है।

स्ट्रेट तुरंत पूरी तरह नहीं खुलेगा

नए कॉरिडोर तय होने का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज तत्काल पूरी तरह और बिना किसी प्रतिबंध के अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा। ईरान का कहना है कि सामान्य वाणिज्यिक आवाजाही की बहाली व्यापक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। उसकी मांगों में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और सैन्य दबाव खत्म करना, प्रतिबंध हटाना तथा अन्य शर्तें शामिल हैं।

टोल या ‘सर्विस टैक्स’ पर भी पेंच

होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने को लेकर भी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ईरान ने पहले संकेत दिया था कि वह इसे टोल के बजाय समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण और अन्य सेवाओं के बदले ‘सर्विस टैक्स’ के रूप में देखता है। हालांकि, हालिया ईरानी बयान के मुताबिक ट्रांजिट फीस का विवरण फिलहाल ओमान के साथ बातचीत का हिस्सा नहीं है। अमेरिका भी किसी शुल्क को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है।

अब ट्रंप के रुख पर टिकी नजर

ईरान-ओमान की पहल के बावजूद होर्मुज की वास्तविक स्थिति काफी हद तक अमेरिका के अगले कदम पर निर्भर करेगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा किया है और इसे बनाए रखने की बात कही है। वहीं ईरान ने अमेरिकी दावे को खारिज करते हुए स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता दोहराई है।

दुनिया के लिए क्यों जरूरी है होर्मुज?

होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा समुद्री मार्गों में शामिल है। वैश्विक तेल और गैस शिपमेंट का करीब पांचवां हिस्सा इस रास्ते से जुड़ा है। लंबे समय से जारी तनाव और समुद्री यातायात में रुकावटों ने ऊर्जा बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के साथ व्यापारिक जहाजों के लिए वॉर-रिस्क इंश्योरेंस की लागत भी बढ़ी है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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