HomeBreaking News20 साल की करनवीर दुनिया छोड़कर भी बचा गई 2 जिंदगियां, पिता...

20 साल की करनवीर दुनिया छोड़कर भी बचा गई 2 जिंदगियां, पिता के फैसले ने सबको किया भावुक…

पंजाब(Punjab) के संगरूर जिले के मुलोवाल गांव की 20 वर्षीय करनवीर कौर अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने देख रही थी। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने IELTS परीक्षा भी पास कर ली थी और विदेश जाकर अपना करियर बनाने की तैयारी में थी। लेकिन 15 अक्टूबर को हुए एक सड़क हादसे ने उसके परिवार की जिंदगी बदल दी। करनवीर अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके पिता के एक फैसले ने दो मरीजों को नई जिंदगी की उम्मीद दी है।

हादसे के बाद करनवीर को 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित PGIMER में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 21 अक्टूबर को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन-स्टेम डेड घोषित कर दिया। इस मुश्किल घड़ी में परिवार के सामने अपनी बेटी को खोने का असहनीय दुख था। इसके बावजूद उसके पिता जगदीप सिंह ने अंगदान की सहमति देकर मानवता की मिसाल पेश की।

पिता बोले- बेटी का हिस्सा दूसरों में जिंदा रहेगा

जगदीप सिंह ने बताया कि परिवार ने करनवीर के लिए कई सपने देखे थे। उसे खोने का दर्द शब्दों में बयान करना मुश्किल है। हालांकि, उन्हें इस बात से सुकून है कि उनकी बेटी के अंग किसी दूसरे व्यक्ति के काम आ सकते हैं और दूसरे परिवारों में खुशियां लौट सकती हैं।

दो मरीजों को मिला नया जीवन

PGIMER में करनवीर की दोनों किडनियां 38 और 32 वर्ष के दो पुरुष मरीजों में प्रत्यारोपित की गईं। अस्पताल के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने परिवार के इस निर्णय को साहस और मानवता का उदाहरण बताया।

रीनल ट्रांसप्लांटेशन विभाग के प्रमुख प्रो. आशीष शर्मा ने भी कहा कि अंगदान के पीछे दानदाता परिवार का बड़ा योगदान होता है। इतने कठिन समय में करनवीर के पिता ने दो मरीजों को नई शुरुआत का अवसर दिया।

अंगदान से जीवित रहती है किसी की उम्मीद

करनवीर की जिंदगी भले ही कम उम्र में समाप्त हो गई, लेकिन उसके पिता के फैसले से दो लोगों को आगे जीने का अवसर मिला। यह घटना बताती है कि अंगदान किसी जरूरतमंद मरीज और उसके परिवार के लिए कितनी बड़ी उम्मीद बन सकता है।

एक परिवार का असहनीय दुख, दो परिवारों के लिए नई उम्मीद बन गया। करनवीर की कहानी अंगदान के महत्व और इंसानियत की ताकत को सामने लाती है।

यह भी पढ़ें : पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले की कई गाड़ियां आपस में टकराईं…

RELATED ARTICLES

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments