मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल को फिर सैन्य कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर दोबारा युद्ध शुरू हुआ तो उनका देश जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हालिया संघर्ष के बाद रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की व्यवस्था पहले जैसी नहीं रह सकती।
अराघची के बयान से साफ है कि ईरान क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों को लेकर अपने रुख में बदलाव के संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 40 दिनों तक चले भीषण युद्ध ने पूरे क्षेत्र की परिस्थितियों को बदल दिया है। ऐसे में भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्थाएं सामने आ सकती हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बदलेगी व्यवस्था
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि दशकों से होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही के लिए खुला रहा है। उनके मुताबिक, ईरान और ओमान ने इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने के बजाय सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान दिया। हालांकि, अराघची का कहना है कि हालिया युद्ध के बाद हालात बदल चुके हैं और अब समुद्री मार्ग के संचालन को पहले की तरह नहीं देखा जा सकता। उन्होंने संकेत दिया कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही और उसके प्रबंधन को लेकर नई परिस्थितियों के अनुरूप फैसले लिए जा सकते हैं। अराघची के अनुसार, इस विषय पर ईरान और ओमान के बीच बातचीत हुई है और आगे भी चर्चा जारी रहेगी। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, इसलिए यहां किसी भी बदलाव का अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल परिवहन पर असर पड़ सकता है।
दोबारा हमला हुआ तो जवाब देगा ईरान
अराघची ने संभावित सैन्य टकराव को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि युद्ध हो या नहीं, ईरान की नीतियों में बदलाव नहीं होगा। उनके मुताबिक, अमेरिका और इजरायल पहले भी दो बार ईरान पर सैन्य हमला करने की कोशिश कर चुके हैं और उन्हें इसके परिणाम देखने को मिले हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर फिर से हमला किया गया तो उसका परिणाम पहले से अलग नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समझदारी इसी में है कि ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई न की जाए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में एक बार फिर संघर्ष बढ़ने की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी चर्चा
ईरान की यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ एक और सीमित सैन्य अभियान चलाए जाने की संभावना जताई थी। इस अभियान को उन्होंने ‘एपिक फ्यूरी’ नाम से संबोधित किया था। हालांकि, ट्रंप ने यह संकेत भी दिया था कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं किया जाएगा। उन्होंने युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना भी जताई थी। ऐसे में एक ओर अमेरिकी नेतृत्व की ओर से संघर्ष खत्म होने के संकेत दिए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर ईरान की चेतावनी ने क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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