तेहरान : मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने एक बार फिर लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्लाह के प्रति अपना समर्थन सार्वजनिक रूप से दोहराया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी लिखित संदेश में उन्होंने कहा कि ईरान, लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और हिजबुल्लाह की सुरक्षा को अपनी रणनीतिक जिम्मेदारी मानता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इजरायल से जुड़े किसी भी युद्धविराम या समझौते में लेबनान के खिलाफ इजरायली सैन्य कार्रवाई का पूर्ण और बिना शर्त अंत शामिल होना चाहिए।
क्या कहा मोजतबा खामेनेई ने?
एक्स पर एक पोस्ट में मोजतबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह चीफ शेख नईम कासिम और समूह के लड़ाकों के वफादारी वाले पत्र का जवाब दिया है। खामेनेई ने लड़ाकों के ‘धैर्य, बड़प्पन और आत्म-बलिदान’ की तारीफ की है। उन्होंने हिजबुल्लाह को इजरायल के खिलाफ प्रतिरोध में सबसे आगे रहने वाली ‘अडिग चट्टान’ बताया है।
The fighters [of Hezbollah], through their jihad and resistance, have brought honor and high repute to Lebanon throughout the Islamic world.
— Ayatollah Mojtaba Khamenei (@MKhamenei_ir) July 26, 2026
इजरायल-लेबनान संघर्ष पर क्या है असर?
ईरान लंबे समय से हिजबुल्लाह का प्रमुख समर्थक रहा है। मानना है कि इससे इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है। वहीं अमेरिका की मध्यस्थता से होने वाली किसी संभावित वार्ता पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
खामेनेई ने अपने संदेश में दोहराया कि यदि अमेरिका के साथ किसी बड़े समझौते की बात होती है तो उसमें लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई रोकना अनिवार्य होना चाहिए। इससे पहले भी ईरान कई बार कह चुका है कि क्षेत्रीय संघर्षों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता और लेबनान का मुद्दा किसी भी व्यापक समझौते का हिस्सा होना चाहिए।
ईरान का हिजबुल्लाह को समर्थन
मोजतबा खामेनेई का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब मध्य-पूर्व में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन की अपनी नीति पर कायम है। तेहरान का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति तभी संभव है, जब लेबनान के खिलाफ इजरायली सैन्य कार्रवाई पूरी तरह समाप्त हो।
ईरान लंबे समय से हिजबुल्लाह का प्रमुख सहयोगी रहा है और उसे राजनीतिक, रणनीतिक तथा अन्य स्तरों पर समर्थन देता आया है। ईरानी नेतृत्व का मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और किसी भी संभावित अंतरराष्ट्रीय समझौते में लेबनान की स्थिति और हिजबुल्लाह से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

