लखनऊ में मौसम बदलने के साथ सर्दी-खांसी, बुखार और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 के नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को सर्दी, खांसी और बुखार से परेशान छह मरीजों की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इन नए मामलों के साथ राजधानी में बीते 33 दिनों में एच1एन1 संक्रमित मरीजों की संख्या 27 हो गई है।लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
फ्लू(swine flu) जैसे लक्षण लेकर आने वाले मरीजों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर समय रहते जांच कराने को कहा गया है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के अनुसार, फिलहाल सभी संक्रमित मरीजों की हालत स्थिर है और किसी में गंभीर लक्षण नहीं पाए गए हैं। बारिश के बाद बढ़ी उमस और मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत वाले मरीज पहले की तुलना में करीब चार गुना तक बढ़े हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू के शुरुआती संकेत आम वायरल या सर्दी-जुकाम जैसे ही हो सकते हैं। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और ज्यादा कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
अगर बुखार और खांसी लगातार बनी रहे तो इसे सामान्य वायरल मानकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों पर खास नजर रखने की जरूरत है।
गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत जांच
तेज बुखार के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, रक्तचाप गिरना, नाखूनों का नीला पड़ना या बलगम में खून जैसे संकेत गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं। ऐसे मरीजों को गंभीर श्रेणी में रखते हुए रियल टाइम आरटी-पीसीआर जांच कराने की सलाह दी गई है।
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