लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण पिछले छह दिनों से रुकी माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा(Vaishno Devi and Amarnath Yatra) शनिवार को दोबारा शुरू कर दी गई। मौसम की स्थिति बेहतर होने के बाद प्रशासन और संबंधित श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और श्रद्धालुओं को यात्रा जारी रखने की अनुमति दी। यात्रा बहाल होने से लंबे समय से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी धाम की यात्रा फिलहाल पुराने पारंपरिक मार्ग से शुरू की गई है।
लगातार बारिश के कारण नए मार्ग पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की आशंका बनी हुई है इसलिए उसे अभी बंद रखा गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है। एहतियात के तौर पर हेलीकॉप्टर और बैटरी कार सेवाएं अभी भी बंद हैं। कटड़ा बेस कैंप में कई दिनों से रुके श्रद्धालुओं ने यात्रा शुरू होने पर राहत जताई। कई यात्रियों ने कहा कि अब उन्हें माता रानी के दर्शन का अवसर मिलने से काफी खुशी और उत्साह है।
अमरनाथ यात्रा भी हुई शुरु
मौसम में सुधार और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के दोबारा खुलने के बाद अमरनाथ यात्रा भी शनिवार से फिर शुरू हो गई। श्रद्धालुओं को पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों से पवित्र गुफा की ओर जाने की अनुमति दी गई। इससे पहले 19 जुलाई से खराब मौसम और सुरक्षा कारणों के चलते यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई थी।
शनिवार सुबह हल्की बारिश के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोनों बेस कैंपों से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए। इसी दिन जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा का 18वां जत्था भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इस जत्थे में 6,269 श्रद्धालु शामिल थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और साधु भी थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति के अनुसार आगे के फैसले लिए जाएंगे।