Shri Amarnath Yatra: भारी बारिश और खराब मौसम के कारण छह दिन तक स्थगित रही बाबा श्री अमरनाथ जी की यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं का नया जत्था जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के साथ कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। मौसम में सुधार और हालात की जांच के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया।
19 जुलाई को रोकी गई थी यात्रा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 19 जुलाई को श्री अमरनाथ जी की यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी थी। प्रशासन ने यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया था। छह दिनों तक मौसम और जमीनी हालात की लगातार समीक्षा के बाद यात्रा बहाल कर दी गई।
बालटाल मार्ग से मिल रही अनुमति
शनिवार सुबह श्रद्धालुओं का काफिला जम्मू बेस कैंप से रवाना होकर उधमपुर पार करते हुए कश्मीर घाटी की ओर बढ़ गया। अधिकारियों ने फिलहाल जम्मू से रवाना होने वाले श्रद्धालुओं को केवल बालटाल मार्ग से यात्रा की अनुमति दी है। दूसरी ओर, खराब मौसम के कारण पहलगाम मार्ग अभी भी आवाजाही के लिए बंद रखा गया है, क्योंकि वहां रास्तों की स्थिति प्रभावित हुई है।
3 जुलाई से शुरू हुई थी 57 दिनों की यात्रा
इस वर्ष 57 दिनों की श्री अमरनाथ जी की यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा। हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र श्री अमरनाथ गुफा मंदिर के दर्शन के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं।
डोडा में बारिश से कई सड़कें बंद
इधर, जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। प्रशासन ने डोडा-पुल डोडा रोड और पुल डोडा-घाट GMC रोड को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके अलावा कई संपर्क मार्ग भी बाधित हो गए हैं। डोडा के उपायुक्त कृष्ण लाल ने बताया कि जिले की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
56 अंदरूनी सड़कें बंद
उपायुक्त कृष्ण लाल के अनुसार, लगातार बारिश की वजह से डोडा जिले में 56 अंदरूनी सड़कें बंद हो गई हैं। इन मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए बहाली का काम जारी है। हालांकि खराब मौसम के कारण राहत और मरम्मत कार्यों में चुनौतियां बनी हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
झेलम का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के चलते झेलम नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। पानी के बढ़ते बहाव को नियंत्रित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले स्थित बगलीहार जलविद्युत परियोजना बांध के कई गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम जलस्तर को नियंत्रित रखने और निचले इलाकों में संभावित बाढ़ के खतरे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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