NTA Action: NEET पेपर लीक मामले को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी ने 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा एजेंसी की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कई अहम फैसले भी लिए जाएंगे।
NTA में बड़े स्तर पर होंगे सुधार
केंद्र सरकार अब NTA में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। अगले महीने एजेंसी का पुनर्गठन किया जाएगा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भी बदलाव किए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर लागू की जा रही है। सरकार का उद्देश्य भविष्य में ऐसी लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली तैयार करना है, जिससे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत हो सके। NTA देशभर में JEE, NEET और CUET समेत करीब 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित कराती है।
स्थायी कर्मचारियों की कमी आई सामने
संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, NTA में 39 स्थायी पदों में से केवल 24 पर ही अधिकारी काम कर रहे हैं, जबकि 15 पद अभी भी खाली हैं। एजेंसी को चलाने के लिए फिलहाल 73 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी और 124 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों में कंसलटेंट, सॉफ्टवेयर डेवलपर और यंग प्रोफेशनल्स शामिल हैं। शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में बताया कि एजेंसी को मजबूत करने के लिए निदेशक और संयुक्त निदेशक स्तर के 16 नए पद बनाये गए हैं, जिन्हें जल्द भरा जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय में भी हुआ बड़ा फेरबदल
परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और विवादों के बीच शिक्षा मंत्रालय में भी बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। विपक्षी दल लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार देर रात उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त कर दिया।
कई अहम पद संभाल चुके हैं विनीत जोशी
विनीत जोशी इससे पहले सीबीएसई के अध्यक्ष, NTA के पहले महानिदेशक और यूजीसी के कार्यवाहक अध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनके कार्यकाल में ही CUET परीक्षा की शुरुआत हुई थी, जिसे लेकर उन्हें विरोध का सामना भी करना पड़ा। उनकी जगह अब नरेश कुमार गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव और टी के अनिल कुमार को स्कूली शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। सरकार के इन फैसलों को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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