महाराष्ट्र के नागपुर में डेटिंग ऐप के जरिए पहचान बनाकर एक व्यक्ति को झूठे मामले में फंसाने और उससे 3 करोड़ रुपये वसूलने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस योजना में 19 वर्षीय युवती को 5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। युवती ने शुरुआत में राजस्थान के एक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, लेकिन जांच के दौरान उसके बयान बदल गए। पूछताछ में उसने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए उसे आदित्य गुप्ता ने कहा था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी आदित्य को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया।
राजस्थान के व्यक्ति पर लगाया था ब्लैकमेलिंग का आरोप
नागपुर पुलिस के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने वाली युवती मोमिनपुरा इलाके की रहने वाली है और सोशल मीडिया पर शिक्षा व मनोरंजन से जुड़े वीडियो और रील बनाती है। वह काफी समय से एक डेटिंग ऐप का इस्तेमाल कर रही थी। इसी माध्यम से उसकी पहचान आदित्य सुरेशचंद्र गुप्ता से हुई थी। कुछ दिन पहले युवती ने राजस्थान निवासी इरफान अली के खिलाफ शिकायत दी थी। उसका आरोप था कि डेटिंग ऐप पर पहचान होने के बाद इरफान ने खुद को राजनीतिक पहुंच वाला व्यक्ति बताया और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। युवती ने दावा किया था कि इस बहाने उससे आपत्तिजनक वीडियो लिए गए और बाद में उन्हें वायरल करने की धमकी दी गई। इस शिकायत के आधार पर इरफान सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
थाने में आदित्य की दखलअंदाजी से पुलिस को हुआ शक
जांच के दौरान पुलिस ने युवती को बयान दर्ज कराने और मोबाइल से संबंधित जानकारी देने के लिए थाने बुलाया। इस दौरान आदित्य गुप्ता भी उसके साथ पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आदित्य युवती से पूछे जा रहे सवालों के जवाब खुद देने लगा। उसने राजनीतिक लोगों, कॉर्पोरेट जगत और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क होने की बात भी कही। उसकी इस दखलअंदाजी से पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने युवती से अलग से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि इस दौरान युवती ने इरफान अली को पहचानने से इनकार कर दिया और कहा कि सोशल मीडिया पर उसकी इरफान से कभी बातचीत नहीं हुई थी। उसने कथित तौर पर बताया कि आदित्य के कहने पर ही उसने शिकायत दर्ज कराई थी। इस बयान के बाद पुलिस ने शिकायत के पीछे की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच शुरू की।
5 लाख रुपये का लालच देने का आरोप
पुलिस की जांच में आरोप है कि आदित्य ने युवती को इरफान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बदले 5 लाख रुपये देने का लालच दिया था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि कथित तौर पर झूठा मामला बनाकर इरफान से 3 करोड़ रुपये वसूलने की योजना तैयार की गई थी। हालांकि, वसूली की कोशिश वास्तव में हुई या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। नागपुर की तहसील पुलिस ने तलाश के बाद आदित्य को आगरा से गिरफ्तार किया। अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। डीसीपी जोन-3 राहुल मदने के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पुणे और दिल्ली में भी इसी तरह के कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब कथित साजिश में अन्य लोगों की भूमिका, शिकायत के पीछे के मकसद और संभावित वसूली के प्रयासों की जांच कर रही है।
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