दीपावली से पहले वाराणसी में पटाखों के अवैध भंडारण का मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र की कुंज विहार रिहायशी कॉलोनी में पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक मकान पर छापा मारकर करीब 30 क्विंटल यानी 3,000 किलोग्राम पटाखे बरामद किए। इतनी बड़ी मात्रा में आतिशबाजी मिलने के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची।
पुलिस के मुताबिक, मकान में पटाखों का भंडार रखने के लिए जरूरी लाइसेंस नहीं दिखाया जा सका। मौके पर मौजूद राहुल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। बरामद आतिशबाजी जब्त करने के साथ आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखे कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां बेचा जाना था।
मुखबिर की सूचना पर छापा
पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कैंट थाना क्षेत्र की कुंज विहार कॉलोनी स्थित एक मकान में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे गए हैं। सूचना के आधार पर कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने वहां छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर मौजूद रही।
तलाशी के दौरान मकान से करीब 30 क्विंटल बारूद से निर्मित आतिशबाजी बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि राहुल गुप्ता से पटाखों के भंडारण से संबंधित लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह इसे पेश नहीं कर सका। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पटाखों को कब्जे में ले लिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रिहायशी इलाके में पटाखों का भंडार
किसी रिहायशी मकान में करीब 3,000 किलो पटाखे रखे होने से आसपास के लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं। आतिशबाजी में ज्वलनशील सामग्री होती है और आग लगने की स्थिति में नुकसान एक मकान तक सीमित नहीं रह सकता। आसपास के घरों और वहां रहने वाले लोगों को भी खतरा हो सकता है।
पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए लागू नियमों के तहत जरूरी लाइसेंस और सुरक्षा मानकों का पालन करना अहम है। खासकर दीपावली के आसपास जब आतिशबाजी की मांग बढ़ती है, तब बिना अनुमति बड़े पैमाने पर पटाखे रखने से जोखिम बढ़ सकता है। इस मामले में छापेमारी के दौरान फायर ब्रिगेड की मौजूदगी भी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।
पुलिस खंगाल रही सप्लाई नेटवर्क
फिलहाल पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि जब्त किए गए पटाखे किस जगह से लाए गए थे, उनकी बिक्री कहां होनी थी और क्या इस गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है, ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक के मुताबिक, पुलिस ने पटाखों को जब्त कर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच आगे बढ़ने के साथ आतिशबाजी की सप्लाई और भंडारण से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। दीपावली से पहले हुई इस कार्रवाई ने रिहायशी इलाकों में पटाखों के सुरक्षित भंडारण और प्रशासनिक निगरानी के महत्व को फिर सामने ला दिया है।
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