रक्षाबंधन से पहले आगरा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में सैंया टोल प्लाजा पर मध्य प्रदेश से आए एक दूध टैंकर को रोककर जांच की गई। जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा पाने पर विभाग की टीम ने दूध के नमूने लिए और करीब 1.75 लाख रुपये कीमत का 7 हजार लीटर दूध मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा फतेहाबाद तहसील के नाथूपुर में भी टीम ने छापेमारी कर 145 किलो खोया नष्ट कराया, जिसकी कीमत करीब 29 हजार रुपये बताई गई।
दस्तावेज नहीं दिखा सका टैंकर चालक
खाद्य विभाग की टीम ने सैंया टोल प्लाजा पर मध्य प्रदेश से आ रहे दूध के टैंकर को जांच के लिए रोका। टैंकर चालक की पहचान रामनिवास कुशवाह के रूप में हुई। अधिकारियों के मुताबिक, चालक दूध से संबंधित जरूरी कागजात नहीं दिखा सका। इसके बाद टीम ने दूध के नमूने लिए। विभाग ने करीब 7 हजार लीटर दूध को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए नष्ट करा दिया। नष्ट किए गए दूध की अनुमानित कीमत 1.75 लाख रुपये बताई गई है।
नाथूपुर में 145 किलो खोया नष्ट
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने फतेहाबाद तहसील के नाथूपुर में भी कार्रवाई की। टीम को यहां बड़ी मात्रा में खोया मिला। जांच के दौरान 145 किलो खोया नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 29 हजार रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने 52 किलो वनस्पति जैसा संदिग्ध पदार्थ भी सीज किया। अधिकारियों को आशंका है कि इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए किया जा सकता था। जब्त सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
मिठाई, दूध और पनीर के 16 नमूने लिए
त्योहारों के दौरान मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया। टीम ने मिठाई, दूध, दही, पनीर, घी और खोया समेत 16 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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