खाद्य उत्पादों के भ्रामक स्वास्थ्य दावों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त रुख अपनाया है। नियामक ने हैदराबाद स्थित जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया लिमिटेड, BigBasket और Flipkart को नोटिस जारी किए हैं। मामला ‘फ्रीडम कुकिंग राइस ब्रान ऑयल’ के विज्ञापनों से जुड़ा है, जिनमें कोलेस्ट्रॉल कम करने और हृदय स्वास्थ्य से संबंधित दावे किए जा रहे थे। FSSAI ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कार्रवाई की जानकारी दी। नियामक के मुताबिक, उत्पाद का प्रचार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर किया जा रहा था। विज्ञापनों में दावा किया गया था कि तेल खराब कोलेस्ट्रॉल कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने या बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा, उत्पाद में ‘10,000+ पीपीएम नेचुरल ओरिजानोल’ होने का दावा भी किया गया था।
कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ के दावों पर उठे सवाल
FSSAI के अनुसार, राइस ब्रान तेल से जुड़े कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य संबंधी दावे विज्ञापन एवं दावा विनियम, 2018 के तहत अनुमत नहीं थे। खाद्य उत्पादों के बारे में ऐसे दावे उपभोक्ताओं की खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए उन्हें संबंधित नियमों के अनुरूप होना जरूरी है।नियामक ने संबंधित कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। अब कंपनियों के जवाब और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जेमिनी एडिबल्स के लाइसेंस पर भी सवाल
FSSAI ने बताया कि जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया लिमिटेड अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए खाद्य उत्पाद बेच रही थी, लेकिन उसके पास ई-कॉमर्स गतिविधियों के लिए वैध केंद्रीय लाइसेंस नहीं था। खाद्य कारोबार के लिए जरूरी लाइसेंस और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इस मामले में BigBasket और Flipkart को भी नोटिस जारी किए गए हैं। नियामक की कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खाद्य उत्पादों का प्रचार और बिक्री निर्धारित मानकों के मुताबिक हो। हालांकि, नोटिस जारी होने का मतलब अंतिम रूप से दोषी ठहराया जाना नहीं है। संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
दूसरी कंपनियों पर भी कार्रवाई
FSSAI ने अन्य खाद्य कारोबार संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानकारी दी है। डीएनवी फूड प्रोडक्ट्स लिमिटेड का लाइसेंस निरीक्षण के दौरान गंभीर खामियां मिलने के बाद निलंबित किया गया। ये कमियां स्वच्छता, साफ-सफाई, भंडारण और लाइसेंसिंग से संबंधित थीं। इसके अलावा, झांवित्तान्नी का लाइसेंस खाद्य सुरक्षा नियमों और विनियमों के लगातार उल्लंघन के कारण रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है। खाद्य नियामक की इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, वैध लाइसेंस और विज्ञापनों में किए जाने वाले स्वास्थ्य संबंधी दावों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे खाद्य उत्पाद खरीदते समय विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय उत्पाद की जानकारी और संबंधित दावों को समझें।
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