उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का लोगो, वेबसाइट और पोर्टल लॉन्च किया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों के बढ़े हुए मानदेय और कई सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बिजनौर के महात्मा विदुर सभागार में किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का संबोधन सुना।
हर महीने 5 तारीख तक वेतन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम बनाया है। अब इन कर्मचारियों को पहले की तरह अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर महीने की 5 तारीख तक उनका वेतन मिल जाए। CM योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन से काटे जाने वाले EPF और ESI का अंशदान नियमित रूप से जमा कराया जाएगा। ESI के जरिए उन्हें आयुष्मान कार्ड की सुविधा भी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 3.50 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी विभिन्न विभागों में काम कर रहे हैं।
20 से 50 लाख का दुर्घटना बीमा
नई व्यवस्था में आउटसोर्स एजेंसियों को दिए जाने वाला सर्विस चार्ज सरकार वहन करेगी। यानी कर्मचारियों के वेतन से इस मद में कोई कटौती नहीं की जाएगी। सरकार ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू भी किया है।
इस सहयोग के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और इंश्योरेंस जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। कर्मचारियों को 20 लाख से 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा देने का भी प्रावधान बताया गया है।
मानदेय लगभग दोगुना होने का दावा
बिजनौर में विधान परिषद सदस्य अशोक कटारिया ने सरकार के फैसले को आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने दावा किया कि नए प्रावधानों के बाद आउटसोर्स कार्मिकों का मानदेय लगभग दोगुना हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में यह भी कहा कि सुशासन के लिए संवेदनशील प्रशासन जरूरी है और सरकार ने बिचौलिया व्यवस्था खत्म करने का काम किया है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में जेल भेजने के साथ संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। बिजनौर की नगर पालिका परिषद अध्यक्ष इंद्रा सिंह ने बताया कि जिले की सभी नगर निकायों में 3104 आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं, जबकि अकेले नगर पालिका परिषद बिजनौर में इनकी संख्या 650 है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को पहले उत्तर प्रदेश में प्रथम और भारत में 29वां स्थान मिल चुका है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों का योगदान अहम रहा है।
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