उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के बांदा जिले से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां लगातार हो रही बारिश के कारण एक कच्ची दीवार ढह गई जिसकी चपेट में आने से एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। इस हादसे में एक पिता और उनकी छह महीने की दुधमुंही बेटी की जान चली गई जबकि मां और बड़ी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह पूरी घटना बबेरू तहसील क्षेत्र के तरायां गांव की है। यहां राजेश सिंह अपनी पत्नी सावित्री और दो छोटी बेटियों के साथ घर पर मौजूद थे। बाहर तेज बारिश हो रही थी तभी उनके पड़ोसी की मिट्टी से बनी एक पुरानी और कमजोर दीवार अचानक भरभराकर राजेश के घर पर आ गिरी। दीवार का मलबा इतना भारी था कि पूरा परिवार पलभर में उसके नीचे दब गया। अचानक हुए इस हादसे से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई।
परिवार में मातम
शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और अपने स्तर पर मलबा हटाकर लोगों को बचाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी दल-बल के साथ पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे चारों लोगों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुँचाया।
लेकिन, डॉक्टरों ने जांच के बाद राजेश सिंह और उनकी 6 महीने की बेटी रश्मि को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल पत्नी सावित्री और 3 साल की बेटी लक्ष्मी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिजनों के गंभीर आरोप
घटना के बाद पीड़ित परिवार के लोगों ने पड़ोसी पर भारी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पड़ोसी की वह मिट्टी की दीवार पहले से ही कमजोर थी और लगातार उनके मकान पर दबाव बना रही थी। इस बारे में पड़ोसी को कई बार चेताया भी गया था लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। बारिश के कारण वह दीवार और अधिक कमजोर होकर गिर गई।
मौके पर पहुंचे डिप्टी एसपी कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था। घायलों का इलाज जारी है और इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।