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सावन अमावस्या पर लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें स्नान, दान और तर्पण के क्या होंगे नियम?

Sawan Amavasya: साल 2026 की सावन अमावस्या इस बार खास रहने वाली है क्योंकि इसी दिन साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल है कि जब अमावस्या पर स्नान, दान और पितरों का तर्पण किया जाता है और सूर्य ग्रहण के दौरान धार्मिक कार्यों की मनाही होती है, तो दोनों के संयोग में क्या नियम लागू होंगे। हालांकि इस बार ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक नियमों में अहम बदलाव नहीं होगा।

कब है सावन अमावस्या?

वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 12 अगस्त को 01:52 ए एम से प्रारंभ होगी और उसी दिन रात 11:06 बजे समाप्त हो जाएगी। चूंकि अमावस्या का सूर्योदय 12 अगस्त को पड़ रहा है, इसलिए सावन अमावस्या का व्रत और धार्मिक कार्य 12 अगस्त को ही किए जाएंगे।

ग्रहण का सूतक क्यों नहीं होगा प्रभावी?

सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है और इस दौरान पूजा-पाठ, मंदिरों में पूजा और अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते। लेकिन इस बार का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसी कारण इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में श्रद्धालु सावन अमावस्या पर बिना किसी बाधा के स्नान, दान और पितरों का तर्पण कर सकेंगे।

स्नान, दान और तर्पण का शुभ समय

12 अगस्त को सावन अमावस्या पर स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे उत्तम माना गया है। यह मुहूर्त सुबह 04 बजकर 23 ए एम से 05 बजकर 06 ए एम तक रहेगा। वहीं सूर्योदय 05 बजकर 49 ए एम पर होगा। यदि ब्रह्म मुहूर्त में स्नान संभव न हो, तो सूर्योदय के बाद भी धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं।

किस समय करें पितरों का तर्पण?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्नान के बाद पितरों का तर्पण करना शुभ माना जाता है। सावन अमावस्या पर सुबह 05:49 ए एम से 09:07 ए एम के बीच स्नान, दान और तर्पण करना श्रेष्ठ रहेगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा, इसलिए श्रद्धालु निर्धारित समय में ही धार्मिक अनुष्ठान पूरा कर सकते हैं।

अमावस्या पर क्या करें दान?

सावन अमावस्या के अवसर पर पितरों की शांति के लिए जल, सफेद वस्त्र और अन्न का दान करना शुभ माना गया है। इसके अलावा श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, फल, कंबल, छाता, जूते और चप्पल जैसी उपयोगी वस्तुएं गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को दान कर सकते हैं। पितरों के निमित्त किया जाने वाला दान किसी ब्राह्मण को देना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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