Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं और वाहन सूखे तिनकों की तरह बहते नजर आए। इस आपदा में अब तक 160 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 133 भारतीयों समेत 844 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने बाढ़ की असली वजह को लेकर स्थिति साफ कर दी है।
क्या बनी भूकंप की वजह
USGS के मुताबिक, बुधवार सुबह नेपाल में आई जानलेवा अचानक बाढ़ की वजह भूकंप नहीं, बल्कि लैंडस्लाइड था। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि जिस भूकंपीय गतिविधि को शुरुआत में भूकंप माना गया था, वह वास्तव में ग्लेशियर के ढहने और मलबे के बहाव की घटना थी। इसी के बाद निचले इलाकों में पानी और मलबे का तेज बहाव पहुंचा और बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
पहले 4.4 तीव्रता के भूकंप की बात कही गई
USGS ने गुरुवार को बताया कि नेपाल के स्थानीय समय के अनुसार सुबह 8:37 बजे काठमांडू के उत्तर में नेपाल-चीन सीमा के पास 4.4 तीव्रता का भूकंप आने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, बाद में एजेंसी ने अपनी जानकारी स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस घटना को शुरुआत में भूकंप समझा गया था, वह असल में ग्लेशियर के ढहने और मलबे के बहाव की घटना थी। यानी वहां कोई भूकंप नहीं आया था।
सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आया पूरा घटनाक्रम
प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट तस्वीरों की शुरुआती स्टडी में पता चला कि नेपाल-चीन के रसुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग से करीब 20 किलोमीटर (12 मील) उत्तर-पूर्व में लेन्डे नदी में बर्फ और चट्टानों के खिसकने से मलबे वाली बाढ़ आई थी।
लेन्डे नदी से भोटे कोशी तक पहुंचा असर
लेन्डे नदी, भोटे कोशी की एक सहायक नदी है, जो चीन से नेपाल की ओर बहती है। ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने के बाद मलबे के साथ पानी का तेज बहाव आया। इस अचानक आई बाढ़ ने निचले इलाकों में भारी तबाही मचाई और 160 लोगों की जान चली गई। यह बाढ़ एक बेहद जबरदस्त भूस्खलन के कारण आई थी, जिसे बाद में 5.2 तीव्रता वाले भूकंप के बराबर दर्ज किया गया।
रसुवा समेत कई इलाकों में राहत-बचाव जारी
आपदा के बाद रसुवा और आसपास के अन्य इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। नेपाल पुलिस अब तक 160 शव बरामद कर चुकी है। अधिकारी बाढ़ के खतरे वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
403 पर्यटक भी अब तक लापता
नेपाल के पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, आपदा आने के बाद कई घंटों तक कम से कम 403 पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई। इनमें 341 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। इस बीच प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।
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