Food Safety Department: रक्षाबंधन से पहले उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। संभल और आगरा में हुई कार्रवाई में नकली दूध और घी के कारोबार का खुलासा हुआ है। संभल में नकली देशी घी तैयार करने वाली निर्माण इकाई सील की गई, जबकि आगरा में करीब 7 हजार लीटर संदिग्ध दूध और 145 किलो खोया नष्ट कराया गया। दोनों जिलों में कुल खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
संभल में नकली घी की यूनिट पर छापा
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने चंदौसी थाना क्षेत्र स्थित वृंदावन धाम नामक घी निर्माण इकाई पर छापेमारी की। टीम को मौके से घी, रिफाइंड ऑयल, वनस्पति, एसेंस, रंग, कई तरह के अपमिश्रक और अज्ञात रसायन मिले। खाद्य एवं अखाद्य पदार्थों के अलग-अलग लेबल भी बरामद हुए, जिन्हें जब्त कर लिया गया।
11 नमूने जांच के लिए भेजे
कार्रवाई के दौरान विभाग ने मौके से कुल 11 नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर निर्माण इकाई को सील कर दिया गया। जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोतवाली चंदौसी में तहरीर भी दी गई है।
अधिकारियों ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मानवेंद्र सिंह, एफएसओ ने कहा कि, ‘जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ और जिलाधिकारी संभल अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर की गई। अभियान में सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय मानवेन्द्र सिंह, सीएफएसओ वी.के. राठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी गिरीश वर्मा, राजेश कुमार, रामजीत, राजीव कुमार और सुधीर कुमार समेत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौजूद रही।
आगरा में 7 हजार लीटर संदिग्ध दूध पकड़ा
आगरा में भी रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा टीम ने सैंया टोल प्लाजा के पास MP06GA3008 नंबर के वाहन को रोका। जांच में वाहन में करीब 7 हजार लीटर दूध मिला। वाहन त्यागी दूध डेयरी, कैलारस, मुरैना का था। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.75 लाख रुपये बताई गई है।
दस्तावेज नहीं दिखा सका चालक
टीम ने वाहन चालक रामनिवास कुशवाह से दूध से जुड़े लाइसेंस, क्रय-विक्रय बिल और टेस्टिंग रिपोर्ट मांगी, लेकिन वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। दूध कहां से लाया गया और कहां ले जाया जा रहा था, इसकी भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। ऐसे में टीम को दूध संदिग्ध लगा।
सहायक आयुक्त महेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार “खाद्य सुरक्षा की टीम ने सैंया टोल प्लाजा के पास MP06GA3008 नंबर का वाहन रोका। उसकी जांच की, जिसमें करीब 7 हजार लीटर दूध था, जो वाहन त्यागी दूध डेयरी, कैलारस, मुरैना का था, वाहन के चालक चालक रामनिवास कुशवाह से दूध से जुड़े लाइसेंस, क्रय-विक्रय बिल और टेस्टिंग रिपोर्ट मांगी तो उसने कोई दस्तावेज नहीं दिखाया। दूध कहां से लाया गया और कहां ले जाया जा रहा था, इसकी भी स्पष्ट जानकारी नहीं होने पर दूध संदिग्ध लगा।”
145 किलो खोया और 52 किलो अपमिश्रक सीज
अभियान के दौरान कई दुकानों से घेवर, मेवा बाटी, देशी घी, काजू कतली, पनीर, दही, गुजिया और खोया लड्डू समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। कुल 16 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए। टीम ने 145 किलो खोया नष्ट कराया, जिसकी कीमत 29,000 रुपये बताई गई, जबकि 52 किलो अपमिश्रक सीज किया गया।
फतेहाबाद में भी कार्रवाई
52 किलो अपमिश्रक फतेहाबाद के ग्राम नाथूपुर में श्यामू सिंह के प्रतिष्ठान पर मिला। वहीं मौके पर करीब 145 किलो खोया नष्ट कराया गया। इसकी कीमत 29,000 रुपये बताई गई। सहायक आयुक्त (खाद्य) महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 16 नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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