उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए एक कड़ा कदम उठाते हुए 15 अक्टूबर 2026 से खुली और पैक्ड मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 27 सितंबर 2026 को इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किया था। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को यह सटीक जानकारी देना है कि वे जो मिठाई खरीद रहे हैं, वह कितनी ताजा है और उसका सेवन किस निश्चित तारीख तक करना सुरक्षित रहेगा।
दो दुकानों पर मिले नियम की अनदेखी
नियम लागू होने के बाद जमीनी स्तर पर इसकी क्या स्थिति है, यह जानने के लिए लखनऊ में तीन अलग-अलग मिठाई की दुकानों पर रियलिटी चेक किया गया। पहली दुकान पर जब मिठाइयों की जांच की गई, तो वहाँ उपयोग की अंतिम तिथि या एक्सपायरी का कोई भी टैग नहीं लगाया गया था। पूछने पर दुकानदार ने बहाना बनाते हुए कहा कि टैग का ऑर्डर दिया जा चुका है और वे अगले दो दिन में आ जाएंगे।
बहानेबाजी और मिला-जुला असर आया सामने
ठीक ऐसा ही नजारा दूसरी मिठाई की दुकान पर भी देखने को मिला। बिक्री के लिए सजाकर रखी गई मिठाइयों के पास कोई भी ‘बेस्ट बिफोर’ या मैन्युफैक्चरिंग डेट का विवरण मौजूद नहीं था। यहाँ के दुकानदार ने भी लगभग वही जवाब दोहराया कि टैग दो दिन में बनकर आ जाएंगे। हालांकि, तीसरी दुकान पर स्थिति बिल्कुल उलट और सकारात्मक पाई गई। वहाँ डिस्प्ले में रखी हर मिठाई के साथ विनिर्माण तिथि (MFG) और उपयोग की अंतिम अवधि के स्पष्ट टैग लगे हुए थे।
दुकानदारों ने सराहा फैसला
तीसरी दुकान के संचालकों ने सरकार के इस आदेश की खुलकर सराहना की। उनका कहना था कि इस नई व्यवस्था से ग्राहकों का दुकानों के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा। दुकानदारों के मुताबिक, इससे व्यापार को किसी प्रकार का नुकसान नहीं बल्कि फायदा ही होगा, क्योंकि पारदर्शी जानकारी मिलने से खरीदार बिना किसी संकोच के गुणवत्तापूर्ण मिठाइयाँ खरीद सकेंगे।
खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए अनुपालन कराना बड़ी चुनौती
हालाँकि यह रियलिटी चेक सीमित दुकानों पर किया गया था, लेकिन इसके नतीजे बताते हैं कि शुरुआती दौर में इस नियम के पालन में लापरवाही बरती जा रही है। दो दुकानों पर टैग न मिलने से यह साफ हो गया कि जमीनी स्तर पर सख्ती की अभी भी जरूरत है। ऐसे में, यह देखना अहम होगा कि खाद्य सुरक्षा विभाग पूरे प्रदेश में इस नए आदेश का कड़ाई से पालन कैसे सुनिश्चित करवाता है, ताकि आम जनता की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।
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