जल्द अमीर बनने का जुनून तीन युवकों को नकली नोटों के धंधे तक ले गया। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने नकली करेंसी तैयार करने और उसकी सप्लाई करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 5 लाख 26 हजार रुपये के नकली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन और छपाई से जुड़ी सामग्री बरामद हुई है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी दिल्ली के नरेला इलाके में एक फ्लैट में नकली नोट तैयार करते थे। इसके बाद उन्हें दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य जगहों पर खपाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस अब गिरोह के दूसरे सदस्यों और नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कागज की सप्लाई के नेटवर्क की जांच कर रही है।
मेरठ-करनाल हाईवे पर सप्लाई से पहले पकड़े गए आरोपी
पुलिस के मुताबिक, बुढ़ाना कोतवाली को सूचना मिली थी कि मेरठ-करनाल हाईवे पर कुछ लोग नकली करेंसी की सप्लाई के लिए आने वाले हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान शुभम, महेंद्र और टीनू के रूप में हुई है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से 5.26 लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन और प्रिंटिंग से संबंधित सामग्री बरामद की। अब जांच की जा रही है कि आरोपी कितने समय से इस गतिविधि में शामिल थे और कथित तौर पर अब तक कितनी नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई जा चुकी है।
‘फर्जी’ देखकर आया आइडिया
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शुभम ने कथित तौर पर बताया कि वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखने के बाद उसके मन में नकली नोट बनाने का विचार आया। उसे लगा कि इस तरीके से जल्दी पैसा कमाया जा सकता है। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करने का काम शुरू किया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए प्रिंटिंग से जुड़ी जानकारी जुटाते थे। पुलिस का कहना है कि नकली नोट तैयार करने के लिए दिल्ली के नरेला स्थित एक फ्लैट का इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि, आरोपियों की गतिविधियों की अवधि और बाजार में पहुंचाई गई नकली करेंसी की वास्तविक मात्रा का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
महाराष्ट्र से आता था कागज
पुलिस के मुताबिक, नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कागज की सप्लाई महाराष्ट्र से किए जाने की बात सामने आई है। गिरोह को कथित तौर पर गणेश नाम का व्यक्ति कागज भेजता था। पुलिस अब उसकी भूमिका, सामग्री की आपूर्ति के तरीके और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि एसपी ग्रामीण और सीओ बुढ़ाना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि मामले में कुछ अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है। एसएसपी ने नकली करेंसी को अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी नोट की प्रामाणिकता पर संदेह होने पर उसकी जांच उचित माध्यम से करानी चाहिए।
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