पंजाब(Punjab) में इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। राज्य में अब तक 220 लोगों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, जालंधर में सीजन की पहली संदिग्ध स्वाइन फ्लू मौत सामने आई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि 85 वर्षीय मरीज की मौत का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अंतिम स्थिति स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही सामने आएगी। जालंधर के जमशेर खास क्षेत्र के ताजपुर निवासी मूल राज (85) को सांस लेने में परेशानी के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उन्हें पहले से COPD (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) समेत अन्य स्वास्थ्य समस्याएं थीं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 2 सितंबर को GMC अमृतसर में किए गए H1N1 टेस्ट में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इलाज के दौरान शुक्रवार को सिविल अस्पताल, जालंधर में उनकी मौत हो गई। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मरीज पहले से कई बीमारियों से जूझ रहे थे और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर थी। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि मौत सिर्फ H1N1 संक्रमण के कारण हुई।
ऑडिट के बाद सामने आएगा मौत का कारण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मरीज की कई सह-रुग्णताएं थीं। ऐसे में यह पता लगाने के लिए औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट किया जाएगा कि मौत में H1N1 संक्रमण की कितनी भूमिका थी और पहले से मौजूद बीमारियों का कितना असर रहा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने भी कहा है कि राज्य में H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनके अनुसार, इस साल सामने आया वायरस स्ट्रेन फिलहाल नया या म्यूटेटेड नहीं पाया गया है।
लुधियाना में सबसे ज्यादा मामले
जनवरी से अब तक 1,513 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई है जिनमें 220 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। शुक्रवार को ही 14 नए मामले सामने आए। जिलेवार आंकड़ों में लुधियाना 72 मामलों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद एसएएस नगर (मोहाली) में 36, पटियाला में 16, मोगा में 11, जालंधर में 10 और रोपड़ में 9 मामले दर्ज किए गए हैं।
फाजिल्का में एक मामला सामने आया है। अगस्त से मामलों में तेजी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट भी बनाए गए हैं।