NEET पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर सवालों के घेरे में रही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कार्मिक मंत्रालय ने एजेंसी में दो नए निदेशकों और एक संयुक्त निदेशक की नियुक्ति की है। इसे परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और एजेंसी के कामकाज में सुधार की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक IAS अधिकारी प्रसन्न वेंकटेश वीभी और IPS अधिकारी रवि कुमार सिंह को NTA में निदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं 2016 बैच के IRS-कस्टम्स एंड इनडायरेक्ट टैक्सेज अधिकारी अमित सामदरिया को संयुक्त निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।
तीन सप्ताह में संभालना होगा पदभार
सर्कुलर के अनुसार, तीनों अधिकारियों को आदेश जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर अपना नया पदभार संभालना होगा। निर्धारित समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर केंद्रीय स्टाफिंग स्कीम से उनके निष्कासन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। NTA में ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब एजेंसी की परीक्षा प्रणाली को लेकर लंबे समय से पारदर्शिता और सुरक्षा के सवाल उठते रहे हैं। खासकर NEET से जुड़े विवादों के बाद परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक बदलाव की जरूरत महसूस की गई है।
चार स्तर पर होगी पेपर चेकिंग
सरकार पहले ही NTA की परीक्षा व्यवस्था में कई बदलावों का ऐलान कर चुकी है। प्रस्तावित सुधारों में चार-स्तरीय पेपर चेकिंग प्रक्रिया लागू करना शामिल है। इसके अलावा करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए डोमेन विशेषज्ञों को शामिल करने की योजना भी सामने आई है। इन कदमों का उद्देश्य परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, मूल्यांकन प्रक्रिया और पूरी परीक्षा प्रणाली में मानवीय या तकनीकी स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों की संभावना को कम करना है।
नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स
परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए केंद्र सरकार ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन भी किया है। यह समिति सार्वजनिक परीक्षाओं की सुरक्षा, पारदर्शिता, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, तकनीक के इस्तेमाल और परीक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर सिफारिशें तैयार कर रही है। टास्क फोर्स का लक्ष्य देश में ऐसी सुरक्षित, पारदर्शी और मजबूत सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली तैयार करना है, जो भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो। इसमें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा प्रक्रिया के दौरान उनके हितों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
13 सितंबर तक दे सकते हैं सुझाव
सरकार ने परीक्षा सुधारों को लेकर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों, विषय विशेषज्ञों, तकनीकी पेशेवरों, उद्योग जगत और नागरिक समाज संगठनों से सुझाव मांगे हैं। हितधारक 13 सितंबर 2026 तक https://examreforms-taskforce.dopt.gov.in पर अपने सुझाव दे सकते हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर टास्क फोर्स अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगी।
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