केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पहले दिए गए निर्देशों की प्रगति और चल रही पहलों के लागू होने की स्थिति की समीक्षा की गई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में जोशी ने कहा कि उन्होंने विभिन्न निर्देशों पर हुई प्रगति का जायजा लिया और समय पर काम पूरा करने तथा प्रभावी ढंग से फॉलो-अप करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। मंत्री ने कहा कि हर स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, ताकि जारी निर्देशों पर प्रगति का जायजा लिया जा सके और चल रही पहलों के कार्यान्वयन की समीक्षा की जा सके। समय पर काम पूरा करने और प्रभावी फॉलो-अप की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया, साथ ही हर स्तर पर शिक्षा प्रणाली को मज़बूत करने पर लगातार ध्यान केंद्रित किया गया।”
Held a meeting with senior officials of Department of Higher Education and Department of School Education and Literacy, @EduMinOfIndia, to take stock of the progress on the directions issued and review the implementation of ongoing initiatives. Emphasised the need for timely… pic.twitter.com/57mIa739if
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) August 26, 2026
प्रह्लाद जोशी ने 24 अगस्त को स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करके सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) से जुड़े अहम मुद्दों की समीक्षा की थी। इस दौरान एकेडमिक, परीक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई थी।
जोशी ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा था, “CBSE से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई।” उन्होंने बताया कि बैठक में CBSE की एकेडमिक, परीक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मज़बूत करने की मुख्य प्राथमिकताओं की समीक्षा की गई, जिसमें बेहतर दक्षता, पारदर्शिता और छात्रों व शिक्षकों के लिए बेहतर सहयोग पर ज़ोर दिया गया। उन्होंने आगे कहा, “बैठक में CBSE की एकेडमिक, परीक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मज़बूत करने की मुख्य प्राथमिकताओं की समीक्षा की गई, जिसमें बेहतर दक्षता, पारदर्शिता और छात्रों व शिक्षकों के लिए बेहतर सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।”
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