अमेरिका में ईंधन की सप्लाई पर बढ़ते दबाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की ढुलाई तेज करने के लिए ट्रक ड्राइवरों के कामकाज के नियमों में अस्थायी राहत दी है। अमेरिकी परिवहन मंत्री सीन डफी ने 90 दिनों की इमरजेंसी छूट का आदेश जारी किया है। इसके तहत कुछ शर्तों के साथ फ्यूल टैंकर चलाने वाले ड्राइवर 24 घंटे की अवधि में 16 घंटे तक काम कर सकेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका में डीजल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
पंपों की स्क्रीन भी हुई बेअसर
अमेरिका में डीजल की कीमत 6.29 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। पिछले साल के मुकाबले इसमें करीब 70 फीसदी की बढ़ोतरी बताई जा रही है। कैलिफोर्निया में स्थिति और ज्यादा असामान्य नजर आई। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल का भाव 9.999 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गया। कई जगह डिजिटल डिस्प्ले इससे अधिक कीमत दिखाने के लिए बनाए ही नहीं गए थे। डीजल की महंगाई का असर केवल वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता। अमेरिका में मालवाहक ट्रक, कृषि उपकरण, निर्माण क्षेत्र और कई औद्योगिक गतिविधियां डीजल पर निर्भर हैं। ऐसे में ईंधन महंगा होने पर परिवहन से लेकर उत्पादन तक की लागत बढ़ सकती है।
रिफाइनरी और वैश्विक सप्लाई में बाधा से बढ़ी चिंता
अमेरिका के पास बड़ी मात्रा में कच्चा तेल होने के बावजूद डीजल की उपलब्धता केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करती। इसे तैयार करने के लिए रिफाइनिंग क्षमता जरूरी है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रिफाइनरियों और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने से तैयार ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है।जानकारी के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन हमलों से रूस की रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित हुई है। वहीं ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने भी तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ाया है। रिपोर्ट के मुताबिक रूस और खाड़ी क्षेत्र से डीजल की सप्लाई करीब 16 लाख बैरल प्रतिदिन तक घट रही है।
सरकार ने क्यों बढ़ाए टैंकरों के काम के घंटे?
ईंधन की डिलीवरी में देरी को कम करने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने ट्रक ड्राइवरों को अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। सरकार का तर्क है कि इससे टैंकर ज्यादा देर तक सड़क पर रह सकेंगे और पेट्रोल-डीजल को जरूरत वाली जगहों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। 90 दिनों की यह अस्थायी छूट खास तौर पर ईंधन ढुलाई करने वाले ट्रकों पर लागू होगी। इससे साफ है कि प्रशासन की तत्काल चिंता केवल कीमतों पर नहीं, बल्कि सप्लाई चेन को चालू रखने और पेट्रोल पंपों तक पर्याप्त ईंधन पहुंचाने की भी है।
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