कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (KPSC) के कारनामे एक-एक करके सामने आ रहे हैं। अब पंचायत डेवलपमेंट ऑफिसर (PDO) की नौकरी के बदले पैसे लेने का एक नया घोटाला सामने आया है।
This is the extent of KPSC scam! Kannada kids life at stake pic.twitter.com/xwS1U7SX1x
— Sandeep Parswanath (@sarpame) July 24, 2026
बेंगलुरु ग्रामीण जिले के होसकोटे के एक व्यक्ति ने चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ये लोग KPSC के बड़े अधिकारियों और उस व्यक्ति के बीच बिचौलिये का काम कर रहे थे और उन्होंने नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर उससे ₹26 लाख लिए थे।
नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर लिए ₹26 लाख
विधान सौधा पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, होसकोटे के जी.के. रघुनंदन ने बताया कि एक दोस्त ने उन्हें संतोष होसामणि, नंदिश राव, बसवराज और महेश से मिलवाया था। संतोष होसामणि ने दावा किया था कि वह विधान सौधा में कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (DPAR) में काम करता है और KPSC के प्रमुख को जानता है। उसने वादा किया कि अगर रघुनंदन ₹26 लाख देने को तैयार हों, तो वह KPSC के ज़रिए उन्हें PDO के पद पर नियुक्त करवा देगा।
महेश होसामणि ने रघुनंदन से ₹20 लाख एडवांस में देने और बाकी पैसे नियुक्ति पत्र मिलने के बाद देने को कहा था। रघुनंदन ने अपने परिवार के सोने के गहने गिरवी रखे और दोस्तों से उधार लेकर नंदिश के ज़रिए एडवांस पेमेंट कर दिया।
कई महीनों तक नहीं मिला नियुक्ति पत्र
जब कई महीनों तक वादा किया गया नियुक्ति पत्र नहीं मिला, तो महेश होसामणि ने संतोष से उन्हें यह समझाने को कहा कि तकनीकी कारणों से नियुक्ति पत्र में देरी हो रही है। बाद में, बसवराज ने KPSC से WhatsApp कॉल किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका आवेदन सही रास्ते पर है और उन्हें जल्द ही नियुक्ति पत्र मिल जाएगा।
KPSC में चेयरमैन के सस्पेंशन और वेटनरी डॉक्टरों की नियुक्ति से जुड़े घोटाले जैसी गड़बड़ियों को देखने के बाद, उन्होंने विधान सौधा पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
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