WhatsApp Scam: अगर आपको WhatsApp पर रोजाना 200% मुनाफे, 100% पक्की इनसाइडर कॉल या मुफ्त में शेयर बाजार सिखाने का दावा करने वाले किसी ‘इनवाइट-ओनली’ ग्रुप में जोड़ा गया है, तो सावधान हो जाइए। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ऐसे ग्रुप्स को लेकर निवेशकों को सतर्क किया है। इन ग्रुप्स के जरिए शेयर बाजार में रातों-रात अमीर बनने का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।
विदेशी नंबरों से चल रहे फर्जी ग्रुप
SEBI के मुताबिक, इस तरह के कई धोखाधड़ी वाले ग्रुप विदेशी नंबरों से संचालित किए जा रहे हैं। इनमें खुद को ‘मार्केट एक्सपर्ट’ बताने वाले लोग पहले निवेशकों का भरोसा जीतते हैं और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। एक बार विश्वास कायम होने के बाद निवेशकों को शेयर खरीदने, किसी खास ऐप पर ट्रेडिंग अकाउंट खोलने या किसी खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता है।
फर्जी मुनाफे से बनाया जाता है भरोसा
ठगों की सबसे बड़ी चाल में से एक ‘Astroturfing’ है। इसके तहत ग्रुप चलाने वाले सिंडिकेट के सदस्य खुद नकली मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करते हैं और एडमिन की जमकर तारीफ करते हैं। इससे नए निवेशकों को ऐसा लगता है कि ग्रुप में शामिल बाकी लोग भी इन शेयर टिप्स से लाखों रुपये कमा रहे हैं। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें पैसे लगाने के लिए तैयार किया जाता है।
पुराना ग्रुप बंद होने का बहाना भी संकेत
जब SEBI या साइबर सेल की कार्रवाई के बाद कोई फर्जी ग्रुप ब्लॉक हो जाता है तो ठग तुरंत नया ग्रुप बना लेते हैं। इसके बाद किसी नए नंबर से सदस्यों को संदेश भेजकर पुराने ग्रुप के बंद होने की वजह बताई जाती है और नए ग्रुप में शामिल होने का लिंक दिया जाता है। SEBI ने ऐसे संदेशों को बड़ा ‘रेड फ्लैग’ माना है। अगर कोई ग्रुप इस तरह पुराने ग्रुप के बंद होने का बहाना बनाकर नए ग्रुप में जोड़ने की कोशिश करे, तो तुरंत उससे बाहर निकल जाना चाहिए।
अनजान ट्रेडिंग ऐप पर न डालें पैसा
SEBI ने निवेशकों को सलाह दी है कि ऐसे ग्रुप्स में बताए गए किसी भी थर्ड-पार्टी या अनरजिस्टर्ड ट्रेडिंग ऐप और प्लेटफॉर्म पर डीमैट खाता न खोलें। साथ ही किसी अज्ञात खाते में पैसे ट्रांसफर करने से भी बचें। शेयर बाजार में निवेश केवल SEBI-पंजीकृत ब्रोकरों और अधिकृत मध्यस्थों के जरिए ही करना चाहिए।
निवेश से पहले जरूर जांचें रजिस्ट्रेशन
किसी वित्तीय संस्था, ब्रोकर या एक्सपर्ट की वैधता परखने के लिए उसका SEBI रजिस्ट्रेशन स्टेटस जरूर जांचना चाहिए। निवेशकों को किसी भी सोशल मीडिया या WhatsApp ग्रुप में किए गए बड़े मुनाफे के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करनी चाहिए।
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